मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिस कुख्यात अपराधी 'राजू ईरानी' उर्फ 'रहमान डकैत' को पकड़ने में 6 राज्यों की पुलिस नाकाम रही, उसे आखिरकार गुजरात की सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि यह अपराधी भोपाल के 'ईरानी डेरे' में बैठकर अपना काला साम्राज्य चला रहा था, लेकिन भोपाल पुलिस के हाथ खाली रहे.
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रील के चक्कर में रियल अपराधी हुआ रफूचक्कर
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने भोपाल पुलिस ने भारी लाव-लश्कर के साथ ईरानी डेरे में दबिश दी थी. गाड़ियों का काफिला और सायरन के शोर के बीच पुलिस कार्रवाई की 'रील' तो शानदार बनी, लेकिन जब धूल बैठी तो पता चला कि पुलिस ने सिर्फ 22 छोटे गुर्गों को पकड़ा है, जबकि मुख्य सरगना राजू ईरानी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.
कौन है राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत?
राजू ईरानी अपराध की विरासत लेकर पैदा हुआ था. उसके पिता हशमत ईरानी ने 70 के दशक में भोपाल में ईरानी डेरा बसाया था, जहां ठगी और डकैती का धंधा पीढ़ियों से चल रहा है. 2006 में राजू ने गिरोह की कमान संभाली और 'रहमान डकैत' के नाम से पूरे उत्तर और दक्षिण भारत में लूट और ठगी का जाल फैला दिया. साधु बनकर घरों में घुसना और नकली सोने से ठगी करना इस गैंग की खास पहचान रही है.
सूरत पुलिस की सटीक प्लानिंग ने किया कमाल
जहां भोपाल पुलिस दिखावे और रील में उलझी रही, वहीं सूरत क्राइम ब्रांच ने बिना किसी शोर-शराबे के सटीक इनपुट पर काम किया. घंटों की निगरानी और मजबूत प्लानिंग के बाद सूरत पुलिस ने राजू ईरानी को उसके बिल से बाहर निकालकर गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस कमिश्नर की सफाई
जब इस नाकामी पर भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्र से सवाल किया गया, तो उन्होंने तर्क दिया कि ये अपराधी स्थानीय स्तर पर वारदातों को अंजाम नहीं देते, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल होता है. हालांकि, सवाल अब भी वही है कि अगर गुजरात पुलिस इसे पकड़ सकती थी, तो सालों से भोपाल में रह रहे अपराधी तक भोपाल पुलिस क्यों नहीं पहुंच पाई?
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