घटिया निर्माण या बारिश का असर? पहली ही बरसात में धंसा भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा, गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल

राजेश रजक

• 04:11 PM • 22 Jul 2026

Bhopal News: भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया. सड़क धंसने से हजारों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन और एमपीआरडीसी ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत और यातायात बहाल कराने की कार्रवाई शुरू की.

पहली ही बरसात में धंसा भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग
पहली ही बरसात में धंसा भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग
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Bhopal Sagar Highway News: भोपाल-सागर की लाइफलाइन माने जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया. रातभर हुई बारिश ने मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) और निर्माण एजेंसी के काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बेस को मजबूत करने के लिए जरूरी तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया. उनका कहना है कि गिट्टी और मोरम का पर्याप्त उपयोग करने के बजाय केवल मिट्टी भरकर निर्माण पूरा कर दिया गया, जो तेज बारिश के पानी के बहाव में बह गई. इससे सड़क का हिस्सा धंस गया और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

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सड़क ढही तो थम गए पहिए, धूप में तड़पते रहे राहगीर

मिट्टी बह जाने की वजह से सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया. मंगलवार सुबह से ही इस मुख्य हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई. कड़कती धूप और भीषण गर्मी के बीच हजारों लोग घंटों तक रास्ते में फंसे रहे. ठेकेदार की सुस्त कार्यप्रणाली और खराब निर्माण को लेकर अब आम जनता के सब्र का बांध टूट रहा है और लोगों में भारी आक्रोश है.

जाम में फंसे राहगीरों ने दर्द किया बयां

रास्ते में अटके एक राहगीर ने अपना गुस्सा और परेशानी जाहिर करते हुए बताया कि वे सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे तक जाम में ही फंसे रहे. उन्होंने कहा कि घटिया सड़क निर्माण और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण सैकड़ों वाहन कतार में खड़े हैं. उन्हें बेहद जरूरी काम से तुरंत सागर पहुंचना था, लेकिन सड़क बंद होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.

प्रशासन मौके पर पहुंचा, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और एमपीआरडीसी के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने यातायात का रुख बदलकर रास्ते को दोबारा चालू कराने की कोशिशें शुरू कीं. मामले पर रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है.

कलेक्टर ने बताया कि एमपीआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत बातचीत की गई है. अधिकारियों ने अप्रोच रोड पर अतिरिक्त गिट्टी डालकर पुलिया से आवागमन शुरू कराने की बात कही है. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सबसे ऊपर है और काम बेहतर ढंग से ही होना चाहिए. इसके साथ ही काम की रफ्तार बढ़ाना भी बहुत जरूरी है. उन्होंने एमपीआरडीसी के अफसरों को तेजी और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

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