मध्य प्रदेश की राजनीति में अनुशासन को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक कड़ा एक्शन लिया है. मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान निकाली गई विशाल वाहन रैली पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा मैसेज दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे 'राष्ट्रीय संसाधनों का अपव्यय' और 'पीएम मोदी की अपील का उल्लंघन' मानते हुए सौभाग्य सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
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दफ्तर में प्रवेश और सुविधाओं के उपयोग पर तत्काल रोक
मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) अजातशत्रु श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सौभाग्य सिंह ठाकुर पर तत्काल प्रभाव से कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. जब तक वे अपना लिखित स्पष्टीकरण नहीं दे देते और सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक वे-
- पाठ्यपुस्तक निगम के कार्यालय या परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे.
- निगम की किसी भी सरकारी सुविधा, वाहन या कर्मचारी का उपयोग नहीं कर पाएंगे.
- किसी भी प्रशासनिक या वित्तीय निर्णय में भाग नहीं लेंगे और न ही कोई हस्ताक्षर कर सकेंगे.
- निगम के किसी भी बैठक में भाग नहीं ले सकते और उसकी अध्यक्षता नहीं कर सकते.
- निगम के किसी भी कर्मचारी को निर्देश जारी नहीं कर सकते हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दो दिन पहले सौभाग्य सिंह ठाकुर ने पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष का पदभार संभालने के दौरान 200 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ उज्जैन से भोपाल पहुंचे. यह शक्ति प्रदर्शन उस समय हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और सादगी अपनाने की अपील की थी. सोशल मीडिया पर इस रैली के वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने भी सरकार को घेरा था, जिसके बाद अब CMO ने यह बड़ी कार्रवाई की है.
नोटिस में गंभीर टिप्पणियां
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह आयोजन सरकारी दिशानिर्देशों का प्रत्यक्ष और गंभीर उल्लंघन है. यह न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति ने राष्ट्रीय महत्व की अपीलों को नजरअंदाज किया है.
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