Himadri Singh: कौन हैं शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह और क्यों हो रही है उनके तलाक की चर्चा?

राजू झा

• 01:46 PM • 18 Sep 2026

शहडोल से बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी के बीच अनूपपुर न्यायालय द्वारा आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी मिल गई है. पिछले 5 साल से अलग रह रहे इस दंपति की बेटी की कस्टडी हिमाद्री सिंह के पास रहेगी, जिन्होंने पूर्व पति से किसी भी प्रकार का गुजारा भत्ता नहीं मांगा है.

himardi Singh
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मध्य प्रदेश के शहडोल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हिमाद्री सिंह एक बार फिर मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सुर्खियों में आ गई हैं. वजह राजनीतिक नहीं, बल्कि उनका निजी जीवन है. अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम स्थित न्यायालय ने सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति, भाजपा नेता नरेंद्र सिंह मरावी के बीच आपसी सहमति से तलाक की अर्जी को कानूनी मंजूरी प्रदान कर दी है.

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2017 में हुई थी शादी, 2021 से चल रहे थे मतभेद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का विवाह 23 नवंबर 2017 को हुआ था. शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच आपसी मतभेद शुरू हो गए, जिसके चलते वे मई 2021 से (बीते 5 वर्षों से) एक-दूसरे से अलग रह रहे थे.

इसके बाद, सितंबर 2026 में दोनों ने अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था.

कोर्ट ने दिया था 6 महीने का समय

हिंदू मैरिज एक्ट की प्रक्रियाओं के तहत अदालत ने दोनों पक्षों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और रिश्ते को एक और मौका देने के लिए 6 महीने का समय दिया था. हालांकि, कोर्ट द्वारा की गई सुलह की तमाम कोशिशों के बावजूद बात नहीं बन सकी.

अदालत ने माना कि दोनों के बीच अब पति-पत्नी के रूप में रहना संभव नहीं रह गया है. इसके बाद हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13B (आपसी सहमति से तलाक) के तहत कानूनी रूप से शादी को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया.

बेटी की कस्टडी और नो-अलिमनी पर फैसला

इस दंपत्ति की एक बेटी है, जिसका नाम गिरिषा कुमारी सिंह है.

  • बेटी की परवरिश: अदालत के फैसले के अनुसार, बेटी अपनी मां हिमाद्री सिंह के पास ही रहेगी और उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी हिमाद्री स्वयं उठाएंगी.
  • कोई गुजारा भत्ता नहीं: हिमाद्री सिंह ने अपने पूर्व पति से किसी भी प्रकार के गुजारा भत्ते (Alimony) की मांग नहीं की है.
  • शांतिपूर्ण अलगाव: दोनों पक्षों ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि शादी के उपहारों या गहनों को लेकर उनके बीच कोई विवाद नहीं है और न ही उन्होंने एक-दूसरे पर कोई गंभीर आरोप लगाए हैं.

राजनीतिक इतिहास का दिलचस्प संयोग

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का रिश्ता भारतीय राजनीति का एक अनूठा पहलू रहा है:

  • मां ने हराया था चुनाव: 2009 के लोकसभा चुनाव में हिमाद्री सिंह की दिवंगत मां राजेश नंदिनी सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए नरेंद्र सिंह मरावी को पराजित किया था.
     
  • प्रतिद्वंद्वी की बेटी से विवाह: इसके बाद 2017 में नरेंद्र मरावी ने अपनी उसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की बेटी हिमाद्री सिंह से शादी की.

विशिष्ट आदिवासी राजनीतिक परिवार से नाता

  • हिमाद्री सिंह मध्य प्रदेश के एक प्रतिष्ठित आदिवासी राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं.
  • उनके पिता दलबीर सिंह केंद्र सरकार में मंत्री रहे हैं.
  • उनकी माता राजेश नंदिनी सिंह भी पूर्व सांसद रही हैं.

हिमाद्री ने खुद 2019 में कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा जॉइन की थी और शहडोल संसदीय क्षेत्र से 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार दो बार प्रचंड जीत हासिल कर सांसद बनी हैं.

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