ट्विशा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी समर्थ सिंह ने जांच एजेंसी को बताया है कि घटना के बाद वह तुरंत शहर छोड़कर नहीं गया था. उसने खुलासा किया कि ट्विशा की मौत के बाद वह करीब दो दिन तक भोपाल में ही मौजूद रहा. इसके बाद वह जबलपुर चला गया, जहां उसने फरारी के बाकी दिन बिताए.
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बताया जा रहा है कि समर्थ ने सीबीआई को यह भी जानकारी दी है कि वह 22 मई को अदालत पहुंचा था और वहीं उसने सरेंडर किया. हालांकि अब जांच एजेंसी का ध्यान सिर्फ समर्थ के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों की पहचान पर भी है जिन्होंने फरारी के दौरान उसकी किसी भी तरह से मदद की हो सकती है .
किसने उपलब्ध कराई थी समर्थ के रहने की जगह
सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि भोपाल और जबलपुर में समर्थ को रहने की जगह किसने उपलब्ध कराई, उसके आने-जाने की व्यवस्था किसने की और फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों का सहयोग मिला . सूत्रों का कहना है कि इस मामले में समर्थ ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रहा है, जिससे जांच एजेंसी को अलग-अलग स्रोतों से तथ्य जुटाने पड़ रहे हैं .
उधर, इस मामले से जुड़े डॉक्टर भी अब सीबीआई की जांच के दायरे में आ गए हैं . जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी आज उन चिकित्सकों से पूछताछ कर सकती है जिनका नाम केस से जुड़ी घटनाओं में सामने आया है .
दरअसल, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने पहले दावा किया था कि ट्विशा को ड्रग्स की लत थी और उसने नशीले पदार्थों की अधिक मात्रा का सेवन किया था . गिरिबाला सिंह का कहना था कि इसी वजह से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) के लिए डॉक्टरों ने अनुमति दी थी .
ट्विशा ने एक मनोचिकित्सक से भी संपर्क किया था
मामले का एक दूसरा पहलू यह भी है कि ट्विशा ने एक मनोचिकित्सक से भी संपर्क किया था . ऐसे में सीबीआई अब संबंधित डॉक्टरों और मनोचिकित्सक से बातचीत कर यह समझने की कोशिश करेगी कि परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड में कितना मेल है .
जांच एजेंसी मेडिकल दस्तावेजों, डॉक्टरों के बयान और अन्य सबूतों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है . आने वाले दिनों में डॉक्टरों से होने वाली पूछताछ और समर्थ के फरारी के दौरान मिले सहयोगियों की पहचान इस मामले में कई नए खुलासे कर सकती है.
क्या है पूरा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत होती है 12 मई को. इस रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है. एक तरह ट्विशा के ससुराल पक्ष का कहना है कि उसने खुद की जान ली है तो वहीं दूसरी तरफ मायके पक्ष का सीधा आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई है. मायके वालों की मांग पर ही इस मामले की कमान सीबीआई को सौंपी गई है. बता दें कि ट्विशा और उसके पति समर्थ की मुलाकात एक साल पहले किसी मेट्रीमोनियल वेबसाइट पर हुई. जहां इन दोनों के बीच प्यार हो गया और 33 साल की उम्र में ट्विशा ने समर्थ संग सात फेरे लेने का फैसला किया. ट्विशा की मौत के मामले ने तूल इसलिए भी पकड़ा क्योंकि वो खुद पूर्व मिल पूणे रह चुकी है और उसका पति समर्थ एक वकील था और सास गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज है.
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Twisha Case News: ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह का जज रहते हुए किया गया आखिरी फैसला फिर आया सुर्खियों
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