अजयपार धाम में ध्यान में लीन बाबा के पैरों से लिपटा सांप, बेहोश होने पर कराया गया अस्पताल भर्ती

लोकेश चौरसिया

15 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 15 2026 2:24 PM)

छतरपुर के ग्राम कैड़ी स्थित अजयपार धाम में दर्शन और ध्यान के दौरान बाबा करण कुशवाहा के पैरों से सांप लिपट गया. अचानक अचेत होने पर अस्पताल भर्ती कराया गया. पढ़ें पूरी खबर

अजयपार बाबा के पैरों में लिपटा सांप
अजयपार बाबा के पैरों में लिपटा सांप
Google CTA

छतरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ग्राम कैड़ी स्थित अजयपार धाम में एक दिव्य दरबार के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बाबा करण कुशवाहा के पैरों से अचानक एक सांप लिपट गया. इस घटना के बाद बाबा अचेत हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.

Read more!

ध्यान में लीन थे बाबा, अचानक लिपट गया सांप

जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार शाम की है. बाबा करण कुशवाहा मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे और ध्यान में लीन थे. इसी दौरान अचानक एक सांप उनके पैरों के पास आया और उनसे लिपट गया. इस अप्रत्याशित घटना को देखते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और हड़कंप की स्थिति बन गई.

12 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे बाबा

घटना के बाद बाबा के अचेत होते ही परिजन उन्हें आनन-फानन में छतरपुर के क्रिश्चियन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उनकी शुरुआती जांच की. राहत की बात यह रही कि बाबा के शरीर पर सांप के काटने (Snake Bite) का कोई निशान नहीं मिला. हालांकि, एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उन्हें करीब 12 घंटे तक अपनी निगरानी में रखा और इलाज किया.

राम मंदिर दान चोरी पर भड़के बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री, बोले- रावण जैसा होगा हश्र, मंदिर की व्यवस्था ऐसे लोगों को क्यों दी?

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जारी किया वीडियो

अस्पताल में 12 घंटे की निगरानी के बाद जब बाबा करण कुशवाहा की हालत सामान्य बताई गई, तब डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया. डिस्चार्ज होने के बाद बाबा ने खुद एक वीडियो जारी कर अपनी सेहत की जानकारी दी और बताया कि वह अब पहले से बिल्कुल स्वस्थ हैं.

समर्थकों और स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस

बता दें कि बाबा करण कुशवाहा छतरपुर जिले के अजयपार धाम से जुड़े हैं और धीरेंद्र शास्त्री की तर्ज पर दिव्य दरबार लगाने के लिए जाने जाते हैं. जैसे ही उनके साथ हुई इस घटना की खबर समर्थकों और स्थानीय लोगों तक पहुंची, हर कोई उनकी सेहत को लेकर चिंतित हो उठा. घटना के बाद से ही अस्पताल से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर जारी था. हालांकि, डॉक्टरों द्वारा स्थिति सामान्य बताए जाने और डिस्चार्ज होने के बाद समर्थकों ने राहत की सांस ली है.