बाबा महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन में आयोजित 'आज तक धर्मसंसद' के मंच पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के राजनीतिक और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार पर पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन समीक्षा और सुधार के साथ पार्टी 2028 में यह सीट वापस अपने नाम करेगी.
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'दतिया कांग्रेस की सीट थी, हमने वोट प्रतिशत बढ़ाया'
दतिया उपचुनाव के नतीजों पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, "दतिया मूल रूप से कांग्रेस की सीट रही है. 2023 में जब बीजेपी ने प्रदेश में 165 सीटें जीती थीं, तब भी दतिया में कांग्रेस को ही जीत मिली थी. पिछली बार हम वहां 7,700 वोटों से हारे थे, लेकिन इस बार हमारे वोट बढ़कर 1,700 ज्यादा हुए हैं और हार का अंतर घटकर लगभग 6,000 रह गया है. लोकतंत्र में आप हर बार जीतेंगे, ऐसा संभव नहीं है."
उन्होंने आगे कहा, "हमने फौरन समीक्षा बैठक की है. जहां भी कार्यकर्ताओं के स्तर पर या संगठन के काम में कमी रही होगी, उसकी समीक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. आने वाले 2028 के विधानसभा चुनाव में हम दतिया की सीट कांग्रेस से छीन लेंगे."
उज्जैन में राजाओं के न ठहरने वाले भ्रम को किया खारिज
उज्जैन में मुख्यमंत्रियों और राजाओं के रात्रि विश्राम न करने की पुरानी धारणा पर बात करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने इसे एक भ्रम बताया. उन्होंने कहा:
"बाबा महाकाल के दरबार में कोई शासन या प्रशासन नहीं है, यहां सब भक्ति भाव से आते हैं. यह कहना गलत है कि यहां कोई राजा नहीं रुक सकता. सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, सम्राट अशोक और सिंधिया राजवंश के महाराजाओं की राजधानी उज्जैन ही रही है. हम सब बाबा महाकाल की संतान हैं, तो पिता से संतान को कैसा खतरा? उनकी छत्रछाया में तो ऊर्जा और आनंद बढ़ता है."
उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि 1980 के दशक में वह एक स्काउट गाइड वालंटियर के रूप में सिंहस्थ कुंभ में सेवा देते थे. 1992, 2004 (उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष) और 2016 में विधायक के तौर पर सिंहस्थ के आयोजन से जुड़े रहे, और अब 2028 में मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें विश्व के इस सबसे बड़े समागम की मेजबानी का अवसर मिल रहा है.
रोजगार, उद्योग और नदी जोड़ो परियोजना पर आंकड़े
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे रोजगार और भर्ती प्रक्रिया के सवालों का जवाब देते हुए सीएम मोहन यादव ने सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा दिया:
- सरकारी भर्तियां: बीते 1-2 वर्षों में 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां की गई हैं, जिनमें 10,000 शिक्षक, 18,000 पुलिस पद (7,000 भरे जा चुके), 5,785 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं. साथ ही डेढ़ से दो लाख अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है.
- औद्योगिक निवेश: प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण हुआ है, जिससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं.
- सिंचाई का दायरा: कांग्रेस शासनकाल में सिंचाई का दायरा महज 7 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो चुका है. पार्वती-कालीसिंध-चंबल और केन-बेतवा जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं से किसानों को पानी मिल रहा है.
- प्रति व्यक्ति आय: 2003 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय ₹11,000 थी, जो अब बढ़कर ₹1,59,000 हो चुकी है.
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले भव्य 'सिंहस्थ कुंभ' में सम्मिलित होने का सहर्ष आमंत्रण दिया.
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