दतिया उपचुनाव: क्या नरोत्तम मिश्रा का पत्ता कटेगा? कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान से MP की सियासत में खलबली

आकांक्षा ठाकुर

• 11:45 AM • 03 Jul 2026

केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान से दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के नाम पर सस्पेंस गहरा गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय
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मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के एलान के बाद से ही दोनों प्रमुख दलों- बीजेपी और कांग्रेस में उम्मीदवारों के नाम को लेकर माथापच्ची जारी है. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक ताजा बयान ने दतिया की चुनावी राजनीति में नया सस्पेंस पैदा कर दिया है. उनके इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या बीजेपी इस बार पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर दांव नहीं लगाने जा रही है?

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कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा, जिससे मचा हड़कंप?

दरअसल, चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद मीडिया ने जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से दतिया उपचुनाव में बीजेपी के चेहरे को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया. पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल पूछा था- "क्या दतिया से नरोत्तम मिश्रा ही बीजेपी के उम्मीदवार होंगे?"

इस पर विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा के नाम पर मुहर लगाने के बजाय कहा, "अभी यह कहना जल्दबाजी होगी. जो भी उम्मीदवार तय होगा, आपको इसी डायस (मंच) से बता दिया जाएगा." विजयवर्गीय ने आगे जोड़ा कि चुनाव आयोग ने समय सीमा के भीतर चुनाव कराने का सही निर्णय लिया है और बीजेपी पूरी ताकत से लड़कर यह सीट जीतेगी.

नरोत्तम मिश्रा के टिकट पर सस्पेंस क्यों?

कैलाश विजयवर्गीय के इस 'जल्दबाजी' वाले बयान के अब राजनीतिक गलियारों में कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं.

हार का बैकग्राउंड: साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था.

सक्रियता के बावजूद संशय: हार के बाद भी नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में एक्टिव हैं. वे लगातार कार्यकर्ताओं की बैठकें ले रहे हैं, जातिगत समीकरण साध रहे हैं और हाल ही में उनकी मौजूदगी में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का दामन भी थामा था. ऐसे में माना जा रहा था कि उपचुनाव में उनका टिकट पक्का है, लेकिन विजयवर्गीय के बयान ने इस पर संशय के बादल खड़े कर दिए हैं.

दतिया में क्यों हो रहे हैं उपचुनाव?

आपको बता दें कि साल 2023 के चुनाव में दतिया सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती चुनाव जीते थे. लेकिन हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) द्वारा एक मामले में सजा मुकर्रर किए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. विधायक पद खाली होने के चलते निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया है.

  • वोटिंग की तारीख: 30 जुलाई 2026
  • नतीजों का एलान: 3 अगस्त 2026

कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग ने जल्दबाजी में चुनाव कराने का फैसला लिया है. इस आरोप पर पलटवार करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "कांग्रेस ने न्यायपालिका और चुनाव आयोग हर जगह आपत्ति जताई, लेकिन कहीं से रोक नहीं लगी. किसी भी सीट को लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के बिना नहीं छोड़ा जा सकता."

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी दिल्ली और भोपाल के गलियारों से नरोत्तम मिश्रा के नाम पर ही आखिरी मुहर लगाती है, या फिर दतिया के रण में किसी नए चेहरे को उतारकर सबको चौंका देती है.