मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा उम्मीदवार के नाम की घोषणा करते ही स्थानीय संगठन में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. दतिया से बीजेपी के जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सिर्फ जिला अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उनके साथ दतिया के सभी बीजेपी पार्षदों ने भी सामूहिक रूप से अपने पदों का त्याग कर दिया है. जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा की तरफ से इस्तीफे की यह प्रतिलिपि वरिष्ठ नेताओं नितिन नवीन और हेमंत खंडेलवाल को भेज दी गई है. इस औचक इस्तीफे के बाद से ही दतिया बीजेपी में असंतोष की लहर साफ देखी जा रही है और आगामी उपचुनाव से पहले पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.
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पार्टी आलाकमान के फैसले को बताया एकतरफा
जिला अध्यक्ष द्वारा शीर्ष नेतृत्व को भेजे गए पत्र में पार्टी के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि रघुवीर सिंह ने बीजेपी दतिया के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से व्यापक बातचीत करने के बाद यह कड़ा फैसला लिया है. उनका आरोप है कि पार्टी द्वारा विधानसभा उपचुनाव को लेकर लिया गया यह निर्णय पूरी तरह से एकतरफा है और इसमें स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा की गई है. कार्यकर्ताओं का मानना है कि टिकट वितरण में जमीनी हकीकत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है, जिससे संगठन के भीतर भारी असंतोष पैदा हो गया है.
24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
दतिया बीजेपी के भीतर मची यह रार सिर्फ पदों के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय नेताओं ने अब पार्टी आलाकमान को खुली चुनौती दे दी है. सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिला अध्यक्ष के साथ-साथ जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका दतिया के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, बड़ौनी पंचायत अध्यक्ष सहित दतिया विधानसभा के सभी छह मंडलों के अध्यक्ष सामूहिक रूप से इस्तीफा दे रहे हैं. इसके साथ ही इन सभी पदाधिकारियों ने पार्टी को 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर नरोत्तम मिश्रा को दतिया से उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया, तो वे सभी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी हमेशा के लिए इस्तीफा दे देंगे.
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने किया चक्का जाम, सड़कों पर उतरा गुस्सा
टिकट वितरण से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का गुस्सा सड़कों पर भी साफ देखने को मिला. बीजेपी के आधिकारिक फैसले के तुरंत बाद समर्थकों ने दतिया में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्गों पर चक्का जाम कर दिया. भारी संख्या में इकट्ठा हुए समर्थकों ने बीजेपी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और नरोत्तम मिश्रा को ही टिकट देने की पुरजोर मांग उठाई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी नेतृत्व को चेतावनी भी दी. इस भारी हंगामे के बाद दतिया का यह उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि कल तक जो बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही थी, वह आज अपनों के ही विरोध और आंतरिक कलह से जूझ रही है.
आशुतोष तिवारी बने बीजेपी उम्मीदवार, साइडलाइन हुए नरोत्तम मिश्रा
गौरतलब है कि बीजेपी ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है. पार्टी आलाकमान के इस अप्रत्याशित फैसले से नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बेहद आहत और नाराज हैं, क्योंकि नरोत्तम मिश्रा इस क्षेत्र में लगातार काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.
स्थानीय कार्यकर्ताओं को पूरी उम्मीद थी कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा पर ही भरोसा जताएगी, यहां तक कि नरोत्तम मिश्रा के पुत्र ने तो अपने पिता के लिए नामांकन पत्र भी खरीद लिया था. हालांकि, ऐन वक्त पर बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा को साइडलाइन कर दिया. दूसरी तरफ, टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताया है और कहा है कि वे उनसे मिलकर उनका आशीर्वाद जरूर लेंगे.
राजेंद्र भारती के अयोग्य होने से खाली हुई सीट, 30 जुलाई को मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य ठहराए जाने के बाद आई है. इस खाली हुई सीट पर चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 30 जुलाई को मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी. वहीं, वोटों की गिनती और चुनावी नतीजों की घोषणा 3 अगस्त को की जाएगी. ऐसे में अब देखना बेहद अहम होगा कि बीजेपी संगठन अपने इन नाराज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मनाने में सफल हो पाता है या फिर दतिया की यह अंदरूनी बगावत पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाएगी.
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