Ghanshyam Singh Profile: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में एक बार कांग्रेस ने बाजी मारी ली है. इस हाई प्रोफाइल सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने लगभग 6000 वोटों से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हरा दिया. मध्य प्रदेश की राजनीति में यह सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा. वहीं कांग्रेस ने भी बड़ा दांव चलते हुए अपने कद्दावर नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जो कि पार्टी के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ. अब इस जीत के बाद आइए जानते हैं आखिर कौन है घनश्याम सिंह और कैसा रहा उनका सियासी सफर.
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कौन हैं घनश्याम सिंह?
मध्य प्रदेश और खासकर दतिया की राजनीति में घनश्याम सिंह एक जाना-पहचाना नाम है. 72 साल के घनश्याम सिंह का दतिया की राजनीति में अपना अलग रसूख है और वे दतिया राजघराने से ताल्लुक भी रखते हैं. घनश्याम सिंह के पिता महाराज कृष्ण सिंह जूदेव साल 1984 में भिंड-दतिया लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद रह चुके है. अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए घनश्याम सिंह ने लगभग तीन दशकों तक जनता के लिए काम किया.
घनश्याम सिंह का सियासी सफर?
घनश्यास सिंह का सियासी सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. साल 1993 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर दतिया से विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी शंभू तिवारी को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे. फिर 1998 में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद दतिया में कांग्रेस की करारी शिकस्त हुई. फिर साल 2003 में घनश्याम सिंह की एक बार फिर वापसी हुई और उन्होंने राजेंद्र भारती को हराकर एक बार फिर वापस से चुनाव जीता. इसका बाद साल 2008 में एक बड़ा उलटफेर हुआ, जहां बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा ने उन्हें हरा दिया.
सेवड़ा से बने एक बार विधायक
दतिया से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस ने उन्हें सेवड़ा सीट से मैदान में उतारा, लेकिन जीत नहीं पाए. तब बीजेपी के प्रदीप अग्रवाल ने उन्हें 1800 से हरा दिया था. हालांकि पार्टी ने उनपर एक बार फिर भरोसा जताया और 2013 में वापस से टिकट दिया. इस बार घनश्याम सिंह ने जबरदस्त वापसी की और बीजेपी के राधेलाल बघेल को हरा दिया. लेकिन फिर 2023 के चुनाव में प्रदीप अग्रवाल ने उन्हें वापस चुनाव में करारी शिकस्त दे दी.
उपचुनाव में प्रत्याशी घोषित होते ही दिया था बड़ा बयान
दतिया उपचुनाव 2026 को लेकर जैसे ही कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, तभी उन्होंने एक बड़ा बयान दिया था. उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि, 'मैं यह उपचुनाव भारी मतों से जीतने जा रहा हूं. मेरा टारगेट दतिया का विकास करना और यहां पिछले कुछ समय से पनप रही बदले की राजनीति और जातिवाद के जहर को जड़ से समाप्त करना मेरी पहली प्राथमिकता है.'
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