दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खौफ का साया: पहाड़ियों से बरस रहे जानलेवा पत्थर, ड्रोन फेल होने के बाद अब रतलाम-झाबुआ पुलिस ने संभाला मोर्चा

आशुतोष शुक्ला

24 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 24 2026 3:33 PM)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रतलाम-झाबुआ पैच पर पहाड़ियों से हो रही लगातार पत्थरबाजी और बेअसर साबित हुए नाइट-विजन ड्रोन के बाद पुलिस प्रशासन ने गश्त बढ़ाने का फैसला किया है.

Delhi Mumbai Expressway Stone Pelting Case
Delhi Mumbai Expressway Stone Pelting Case
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देश के सबसे आधुनिक और हाई-स्पीड ड्रीम प्रोजेक्ट 'दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे' (Delhi-Mumbai Expressway) का मध्य प्रदेश वाला हिस्सा इन दिनों रफ्तार के लिए नहीं, बल्कि खौफ के लिए चर्चा में है . एक्सप्रेसवे के रतलाम और झाबुआ के बीच 80 किलोमीटर के पैच पर 100 से 120 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ती गाड़ियों पर अचानक पहाड़ियों से पत्थर बरसने लग रहे हैं . हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बेखौफ युवक ऊंची पहाड़ियों से गाड़ियों को निशाना बनाते साफ दिखाई दे रहे हैं .

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बेखौफ पत्थरबाज और उड़ते ड्रोन

हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर चलती गाड़ी की विंडस्क्रीन पर छोटा सा पत्थर गिरना भी जानलेवा साबित हो सकता है . रतलाम के रावटी, शिवगढ़, दीनदयाल नगर और झाबुआ के थंदला बॉर्डर के पास हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो चुके हैं और यात्री घायल हुए हैं.

प्रशासन ने 2025 में एनएचएआई (NHAI) की मदद से रतलाम और झाबुआ पुलिस को लाखों रुपये की कीमत वाले नाइट विजन कैमरों से लैस ड्रोन दिए थे. हालांकि, लाखों के ड्रोन उड़ने के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि एक भी पत्थरबाज पुलिस की पकड़ में नहीं आया .

आखिर क्यों हो रही है पत्थरबाजी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आपराधिक घटना के पीछे स्थानीय ग्रामीणों की भारी नाराजगी भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है:

  • रास्ते बंद होना: एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान रतलाम और झाबुआ के आदिवासी अंचल के लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई थी . इसके बाद ग्रामीणों के खेतों तक जाने वाले पारंपरिक रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए.
  • जलभराव और पाबंदी: बारिश के दिनों में एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पानी भरने से फसलें बर्बाद होती हैं . साथ ही टू-व्हीलर और पैदल यात्रियों के चलने पर पाबंदी है.

राजनीतिक घमासान और पुलिस का एक्शन प्लान

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भी पत्थरबाजी का वीडियो शेयर करते हुए राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए.

चौतरफा दबाव के बाद अब रतलाम और झाबुआ पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाई है:

  • जॉइंट पुलिस चौकी: दोनों जिलों की सीमा पर एक नई पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी .
  • बढ़ाई गई पेट्रोलिंग: बॉर्डर कट-पॉइंट्स पर हथियारबंद जवानों की गश्त और अतिरिक्त पुलिस वाहनों को तैनात किया गया है.
  • NHAI के साथ तालमेल: नेशनल हाईवे की टीमें और नाइट विजन ड्रोन लगातार निगरानी करेंगे.

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