IAS का रुतबा, लग्जरी कार और एकेडमी की किट... जानें फर्जी IAS तृप्ति राजपूत के ठिकानों से पुलिस को क्या-क्या मिला?

गौरव जगताप

29 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 29 2026 5:25 PM)

Fake IAS Tripti Rajput Case: मध्य प्रदेश में फर्जी IAS अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाली तृप्ति राजपूत की पोल खुल गई है. चंदेरी पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को भोपाल लेकर पहुंची, जहां उसके घर और ससुराल से फर्जी IAS मोमेंटो, मसूरी ट्रेनिंग दस्तावेज, महंगे होटल बिल और 'भारत सरकार' लिखी कार बरामद हुई.

फर्जी IAS तृप्ति राजपूत केस में बड़ा पुलिस का खुलासा
फर्जी IAS तृप्ति राजपूत केस में बड़ा पुलिस का खुलासा
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Fake IAS Tripti Rajput Bhopal News: मध्य प्रदेश में खुद को आईएएस (IAS) अफसर और पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर लाखों रुपए की ठगी करने वाली फर्जी महिला अफसर तृप्ति सिंह राजपूत के फर्जीवाड़े का जाल लगातार गहराता जा रहा है. अशोकनगर जिले की चंदेरी पुलिस जब 3 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को लेकर भोपाल जांच के लिए पहुंची, तो वहां छापेमारी के दौरान मिले सबूतों को देखकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए.

आरोपी के भोपाल स्थित बागमोगलिया, अलकापुरी और अयोध्या नगर ठिकानों से फर्जी आईएएस ट्रेनिंग से जुड़े मोमेंटो, दस्तावेज और भारत सरकार लिखी लग्जरी गाड़ी बरामद हुई है.

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HRD मिनिस्ट्री में नौकरी का दिखाया था सपना

इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत अशोकनगर के चंदेरी से हुई थी. अप्रैल 2025 में तृप्ति राजपूत अपने भाई और साथियों के साथ चंदेरी के किलाकोटी पहुंची. वहां खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर उसने जय कुमार कोहली और उनके साथियों को झांसे में लिया. आरोपी तृप्ति ने दावा किया कि वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) में सीधी भर्ती प्रक्रिया की हेड है और अच्छी सैलरी वाली सरकारी नौकरी लगवा सकती है.

आरोप है कि इसके लिए प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपए की मांग की गई, जिस पर फरियादियों ने झांसे में आकर ₹9,80,000 नगद और मूल दस्तावेज सौंप दिए. इसके बाद जब नौकरी नहीं मिली को पीड़ित 23 अगस्त को चंदेरी थाने पहुंचे. उन्होंने यहां आरापियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई. इसके बाद पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई को गिरफ्तार कर कोर्ट से रिमांड पर लिया.

ससुराल से मिले फर्जी IAS के कागजात

चंदेरी पुलिस जब आरोपियों को लेकर भोपाल पहुंची, तो उनके ठिकानों की गहन तलाशी ली गई:

  • अलकापुरी (ससुराल): यहां से पुलिस को आईएएस ट्रेनी अफसर के फर्जी शील्ड, मोमेंटो और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से जुड़े ट्रेनिंग किट के दस्तावेज मिले.
  • ड्राइवर का घर (अयोध्या नगर): तृप्ति के ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी के घर से वह लग्जरी कार जब्त की गई, जिस पर 'भारत सरकार' की नेमप्लेट लगी हुई थी.
  • मसूरी एकेडमी की तस्वीर: पुलिस को तृप्ति की एक तस्वीर भी मिली है, जिसमें वह मसूरी एकेडमी की किट लेकर बाहर निकलती दिख रही है. पुलिस के अनुसार, इस तस्वीर और फर्जी प्रतीक चिन्हों का इस्तेमाल वह लोगों पर रौब जमाने के लिए करती थी.

महंगे होटल, आईफोन और हवाई यात्रा से बनाती थी फर्जी रुतबा

जांच में सामने आया है कि तृप्ति लोगों का भरोसा जीतने के लिए बेहद लग्जरी लाइफस्टाइल जीती थी. भोपाल में उनके घर से महंगे आईफोन (iPhone) की रसीदें, फाइव स्टार होटलों के रुकने के बिल और हवाई यात्रा (फ्लाइट टिकट्स) के प्रमाण मिले हैं.

इसके अलावा, भोपाल में भी उसके खिलाफ एमपी टूरिज्म (MPT) के होटल लीज पर दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला दर्ज पाया गया है.

दस्तावेज मिटाने पर जुड़ी नई धाराएं, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बागमोगलिया स्थित घर में तलाशी के दौरान फरियादियों के दस्तावेजों की केवल छायाप्रतियां (फोटोकॉपी) ही मिली हैं. आशंका है कि मूल दस्तावेजों को जलाकर या नष्ट करके सबूत मिटाने की कोशिश की गई है. इस संबंध में बीएनएस (BNS) की धारा 238 के तहत सबूत मिटाने की धारा भी केस में जोड़ी गई है.

फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि इस फर्जी आईएएस नेटवर्क में भोपाल या अन्य जिलों से और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल थे, जिन्होंने तृप्ति को फर्जी अफसर के रूप में स्थापित करने में मदद की.

इनपुट: धर्मेंद्र साहू

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