मध्य प्रदेश में चुनावी नतीजों के बाद भी सियासी बयानबाजी और राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है. दतिया में आयोजित कांग्रेस के एक बड़े सम्मान समारोह में पूर्व टीआई शेर सिंह बड़ोनिया ने कांग्रेस पार्टी की औपचारिक सदस्यता ले ली. मंच पर कांग्रेस का हाथ थामते ही उन्होंने पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर सीधा राजनीतिक हमला बोला.
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नरोत्तम मिश्रा के नाम के आगे 'पूर्व' लगा तो दतिया को खुशी हुई
मंच से अपनी बात रखते हुए शेर सिंह बड़ोनिया ने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब 2023 के चुनावों में दतिया की जनता ने जनादेश बदला और नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए, तो उनके नाम के आगे 'पूर्व गृह मंत्री' लग गया. बड़ोनिया ने कहा कि यह देखकर उन्हें और दतिया की जनता को बेहद खुशी हुई थी.
राजनीतिक दबाव में 25 मिनट के भीतर नौकरी से निकाला
अपनी आपबीती सुनाते हुए पूर्व टीआई बड़ोनिया ने आरोप लगाया कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें बिना किसी गलती के महज 25 मिनट के भीतर नौकरी से बाहर कर दिया गया था. उन्होंने कहा, "यह सिर्फ नौकरी खोने का मामला नहीं था, बल्कि मेरे स्वाभिमान की लड़ाई थी. जब अधिकारी दबाव में काम कर रहे थे और मेरे पास कोई कलम की ताकत नहीं थी, तो मैंने और मेरे परिवार ने तय किया कि अन्याय का जवाब राजनीतिक मैदान में ही दिया जाएगा."
एसपी और आईजी पर भी बनाए दबाव के आरोप
बड़ोनिया ने दावा किया कि उनके खिलाफ एकतरफा विभागीय जांच बिठाई गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान तत्कालीन अधिकारियों ने उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया और कहा कि ऊपर से गृह मंत्री का दबाव है. बड़ोनिया ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भी जब पूरे प्रदेश में प्रशासनिक गतिविधियां सीमित थीं, तब भी केवल उनके खिलाफ विभागीय जांच चलाई जा रही थी. उन्होंने कहा कि वे स्वाभिमान से समझौता न करते हुए इस अन्याय के खिलाफ हाईकोर्ट भी गए, जहां अदालत ने चार्जशीट को निरस्त किया था.
नए विधायक के सम्मान समारोह में हुआ सियासी फेरबदल
यह पूरा घटनाक्रम दतिया में नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह और कांग्रेस प्रदेश महासचिव अवधेश नायक के नागरिक सम्मान समारोह के दौरान देखने को मिला. इसी मंच से बड़ोनिया ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में प्रवेश किया.
पूर्व टीआई के कांग्रेस में आने से दतिया के स्थानीय सियासी और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. पुलिस विभाग में रहते हुए दतिया की कानून व्यवस्था और राजनीति को करीब से देख चुके बड़ोनिया के तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में वे दतिया की राजनीति में नरोत्तम मिश्रा और भाजपा के खिलाफ पूरी मुखरता से सक्रिय रहने वाले हैं.
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