भोपाल के वल्लभ भवन में लगी आग को लेकर सरकार ने गठित की 7 सदस्यीय समिति, जानें, क्या करेगी ये कमेटी

रवीशपाल सिंह

• 08:52 PM • 09 Mar 2024

भोपाल के वल्लभ भवन में लगी आग को लेकर सरकार ने कमेटी बना दी है. इस कमेटी में मध्यप्रदेश ब्यूरोक्रेसी के बड़े-बड़े अफसरों को शामिल किया गया है. जो इस पूरी आगजनी की घटना को लेकर विस्तार से रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

वल्लभ भवन में लगी आगजनी की जांच के लिए बनी समिति
वल्लभ भवन में लगी आगजनी की जांच के लिए बनी समिति
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Vallabh Bhawan fire incident: शनिवार को भोपाल के सबसे बड़े सरकारी भवन वल्लभ भवन में बड़ा अग्निकांड हो गया. वल्लभ भवन में लगी आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए कई दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ ही आर्मी को भी मदद के लिए बुलाना पड़ गया. आखिर इतनी बड़ी आग राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी भवन में कैसे लग गई. क्या ये आग किसी शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या फिर ये किसी साजिश के तहत लगाई गई. इन सभी सवालों के जवाबों के लिए सरकार ने एक 7 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है.

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इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान को. सदस्य के रूप में प्रमुख सचिव संजय दुबे, नीरज मंडलोई, डीपी आहूजा, आशुतोष राय, आयुक्त भोपाल संभाग पवन शर्मा, पुलिस कमिश्नर भोपाल हरिनारायण चारी मिश्रा रहेंगे. ये सभी इस बात की जांच करेंगे कि आखिर वल्लभ भवन में इतनी विकराल आग कैसे लग गई.

इसके साथ ही इनको जांच करना होगी कि इस आगजनी के बाद वल्लभ भवन की न सिर्फ इमारत को बल्कि कई सारे सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा है या नहीं. क्या किसी बड़े घोटाले की जांच की फाइलें भी इस आगजनी में जल गईं या फिर ये पूरा हादस सिर्फ एक एक्सीडेंट था. तमाम सवालों की जांच के बाद अगले तीन दिन में प्राथमिक जांच रिपोर्ट इस कमेटी को सरकार को सौंपनी होगी.

विस्तृत जांच करके 15 दिन में मांगी है रिपोर्ट

मध्यप्रदेश सरकार को प्राथमिक जांच रिपोर्ट तो अगले तीन दिन में मिल जाएगी लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने इस जांच कमेटी को 15 दिन का समय दे दिया है. जिसमें इस आगजनी को लेकर विस्तार से सभी बिंदुओं के जवाब इस कमेटी को देना होंगे. आपको बता दें कि इससे पहले सतपुड़ा भवन में भी कुछ महीने पहले आगजनी हुई थी और अब वल्लभ भवन में आग लगना साफ बताता है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश भी हो सकती है. असल कारण जांच के बाद ही सामने आ सकेगा.