ग्वालियर के शीतला माता मंदिर मार्ग पर हुए भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. वहीं, हादसे की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही का पता लगाने के लिए जांच के आदेश भी दिए गए हैं. इस हादसे में बच्चों समेत 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 42 लोग घायल हुए हैं.
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घायलों से मिले CM, बेहतर इलाज के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने शीतला माता मंदिर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें जल्द स्वस्थ होने में मदद मिल सके.
हादसे की जांच के आदेश, लापरवाही की होगी पड़ताल
घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं. हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई, इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है. हादसे के बाद मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं. अब जांच रिपोर्ट के जरिए दुर्घटना की वजह और जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है.
9 पुलिस अधिकारियों और जवानों पर कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए नौ पुलिस अधिकारियों और जवानों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों ने घटना से पहले की तैयारियों और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के मन में कई सवाल हैं. लोगों का कहना है कि यदि शनिवार रात सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती और समय रहते वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाती, तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था. घटना के बाद जिस तरह सुरक्षा बढ़ाई गई है, उससे हादसे से पहले की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं.
18 अक्टूबर की दरमियानी रात हुआ क्या था ?
ग्वालियर जिले में सातउं स्थित शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. डबरा मंडी से धान लेकर आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक (पंजाब रजिस्ट्रेशन नंबर) नो-एंट्री जोन में घुसकर मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं पर चढ़ गया और प्रवेश द्वार की दीवार से जा टकराया. इस हृदयविदारक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि 28 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जारी है.
हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर सुरक्षा सख्त
शीतला माता मंदिर मार्ग पर अब सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. नो-एंट्री पॉइंट पर पुलिस का सख्त पहरा है और वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है. अष्टमी और नवमी के अवसर पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि, हादसे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई दे रही है.
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