Indore Bank Employee Murder Case: मध्य प्रदेश की इंदौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां तपेश्वरी बाग कॉलोनी में रहने वाली बैंक कर्मचारी युवती पलक काशिव का अधजला शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था. शुरुआत में कमरे का मंजर देखकर हर कोई इसे कोई दुर्घटना या आत्महत्या मान रहा था. लेकिन मामला पुलिस तक पहुंच और जांच हुई तो कई चाैंकाने वाले खुलासे हुए. पता चला कि पलक की हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए आरोपी ने शातिर तरीके से पूरा प्लान बनया हुआ था. लेकिन इंदौर पुलिस और FSLकी टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को महज 48 घंटे में सुलझा लिया. पुलिस पड़ताल में साफ हो गया कि ये कोई हादसा नहीं एक सुनियोजित हत्या थी.
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दो दिन से बंद था फोन, किराए के मकान में मिला अधजला शव
मृतका पलक काशिव इंदौर में ही एक बैंक में काम करती थीं. वे तपेश्वरी बाग कॉलोनी में किराए के मकान में अकेले रहती थीं. जब पिछले दो दिनों से पलक का अपने परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार वालों को अनहोनी की आशंका हुई. 26 जुलाई को जब उनके किराए के कमरे में जाकर देखा गया तो वहां पलक का अधजला शव पड़ा हुआ था. आरोपी ने घटना को एक दुर्घटना का रूप देने की पूरी कोशिश की थी. इसके लिए उसने घर के अंदर रसोई गैस रिसाव का सीन तैयार किया था ताकि देखने वालों और पुलिस को लगे कि यह हादसा या आत्महत्या का मामला है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला खौफनाक राज
घटना की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू किया. शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए. रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवती की मौत आग में जलने से नहीं बल्कि सांस रुकने यानी गला दबाकर की गई हत्या से हुई थी. युवती की सांसों में धुएं के कण नहीं मिलने से यह साफ हो गया कि हत्या पहले ही की जा चुकी थी और शव को बाद में जलाया गया था.
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ सुराग, पकड़ा गया आरोपी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कत्ल का सच उजागर होते ही खजराना पुलिस ने मामले की दिशा बदल दी और हत्या का केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की. पुलिस ने इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया. इसी दौरान एक फुटेज में एक संदिग्ध युवक हाथ में पेट्रोल का डिब्बा लेकर घटनास्थल की ओर जाता दिखाई दिया. यही सुराग पुलिस के लिए सबसे अहम साबित हुआ. सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के डबरा निवासी मयंक शाक्य के रूप में की. मयंक पिछले 5 सालों से पलक का बहुत करीबी दोस्त था.
5 साल की दोस्ती और शादी के विवाद में रची साजिश
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मयंक शाक्य को हिरासत में ले लिया. उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. मयंक ने बताया कि दोनों के बीच पिछले पांच सालों से जान-पहचान थी लेकिन कुछ समय से शादी को लेकर विवाद चल रहा था. जब पलक ने उससे शादी करने से साफ इनकार कर दिया तो वो आपा खो बैठा. गुस्से में आकर उसने पहले पलक का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. जब वह बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई तब आरोपी ने सबूत मिटाने और पुलिस को भटकाने की नीयत से शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया.
48 घंटे में पर्दाफाश, सलाखों के पीछे पहुंचा कातिल
मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इंदौर पुलिस ने इस पेचीदा और सनसनीखेज हत्याकांड का महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया है. आरोपी मयंक शाक्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (हत्या और साक्ष्य नष्ट करने) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि हत्या की यह साजिश कब रची गई थी और क्या इस पूरी वारदात में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था. फिलहाल आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है.
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