मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है. शहर के जाने-माने कारोबारी मनोज पुगालिया के तीन मंजिला घर में देर रात भीषण आग लग गई, जिसमें परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में एक गर्भवती महिला और एक 8 साल का बच्चा भी शामिल है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया. जानिए मामले की पूरी कहानी.
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सोते समय आया काल: EV चार्जिंग पॉइंट पर हुआ धमाका
यह हादसा बृजवेश्वरी एनेक्स कॉलोनी स्थित मनोज पुगालिया के आवास पर सुबह 3:30 से 4:30 बजे के बीच हुआ. घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था. अचानक चार्जिंग पॉइंट पर शॉर्ट सर्किट हुआ और कार की बैटरी में धमाका हो गया. आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर रखे कुकिंग गैस सिलेंडर तक पहुंच गई, जिससे एक के बाद एक कई ब्लास्ट हुए और पूरे घर में आग की लपटें भर गईं.
मौत का जाल बने डिजिटल लॉक!
इस हादसे में मौतों का सबसे बड़ा कारण घर में लगे आधुनिक 'डिजिटल लॉक' बताए जा रहे हैं. आग लगते ही घर की बिजली गुल हो गई, जिसके कारण सेकंड और थर्ड फ्लोर पर लगे इलेक्ट्रॉनिक ताले (Digital Locks) जाम हो गए. घर के अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए बाहर भागना चाहते थे, लेकिन दरवाजे नहीं खुले. दम घुटने और आग की चपेट में आने से परिवार के सदस्य अंदर ही फंसे रह गए. पुलिस को भी घर में दाखिल होने के लिए दरवाजे तोड़ने पड़े.
उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
मनोज पुगालिया के परिवार में हाल ही में खुशियों का माहौल था, उनके बेटे की 23 जनवरी को ही शादी हुई थी. हादसे के वक्त घर में उनकी गर्भवती बहू, पत्नी, तीन बेटे और बिहार से इलाज कराने आए कुछ रिश्तेदार मौजूद थे. इस अग्निकांड में मनोज पुगालिया की पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई हैं और एमवाई अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं. पड़ोसियों का कहना है कि धमाके इतने तेज थे कि किसी की अंदर जाने की हिम्मत नहीं हुई.
EV चार्जिंग और डिजिटल सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस हादसे ने आधुनिक सुख-सुविधाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ जहां देश में ई-व्हीकल्स को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं चार्जिंग के दौरान होने वाले शॉर्ट सर्किट जानलेवा साबित हो रहे हैं. इसके अलावा, इमरजेंसी के समय डिजिटल लॉक्स का काम न करना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. इंदौर में कुछ महीनों पहले भी एक ऐसी ही घटना हुई थी जहां डिजिटल लॉक की वजह से कारोबारी परेश अग्रवाल के परिवार को अपनी जान गंवानी पड़ी थी.
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