Nikki Yadav Death Case: मध्य प्रदेश के इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा निक्की यादव की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है. जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस केस में कई चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं. इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ उस रैपिडो बाइक चालक के बयान से आया है, जिसने निक्की को उसके अंतिम ठिकाने तक पहुंचाया था. चालक के खुलासे ने इस पूरी घटना को और अधिक रहस्यमई बना दिया है. पुलिस पूछताछ में रैपिडो बाइक के चालक गुरदीप ने बताया कि उसने निक्की को इंदौर से बड़वाह तक करीब 85 किलोमीटर का सफर तय कराया था. पूरे रास्ते निक्की बिल्कुल खामोश बैठी रही. उसने न तो किसी से फोन पर बात की और न ही उसके चेहरे पर कोई घबराहट या बेचैनी दिख रही थी. सफर के बीच में उसने सिर्फ पानी की एक बोतल मांगी थी. चालक के अनुसार, जब वह पानी लेकर आया तो निक्की बेहद शांत होकर एक किताब पढ़ रही थी.
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आखरी सफर और मुस्कुराकर दी एक्स्ट्रा रकम
चालक गुरदीप ने बताया कि रात के करीब 11:30 बजे उसने निक्की को बड़वाह के पास दादा दरबार स्थित नर्मदा पुल के पास छोड़ दिया था. चालक ने निक्की से पूछा भी था कि अगर आगे किसी कॉलोनी या घर में जाना हो तो वह छोड़ देता है, लेकिन निक्की ने मना कर दिया. इस सफर का कुल किराया 1650 रुपये हुआ था, लेकिन निक्की ने चालक को सीधे 2000 रुपये का नोट थमा दिया. जब चालक ने बाकी के पैसे लौटाने चाहे तो निक्की ने मुस्कुराते हुए कहा कि बाकी पैसे आप रख लीजिए और इससे अपना डिनर कर लेना. इसके बाद वह अपना छोटा बैग और मोबाइल लेकर वहां से चली गई.
5 किलोमीटर दूर नदी में मिला शव
रैपिडो चालक से अलग होने के बाद निक्की को किसी ने जिंदा नहीं देखा. अगले दिन उसका शव उस जगह से करीब 5 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी में पीटामली के पास तैरता हुआ मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न ग्रुपों में उसकी तस्वीर शेयर की, जिसके बाद परिजनों ने उसकी पहचान निक्की यादव के रूप में की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों का पैनल
निक्की के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल (डॉ. वंदना कुमकार, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुशवाहा और मैडम अर्पिता जोशी) द्वारा किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती जांच में शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं. प्रथम दृष्टया मौत की वजह पानी में डूबना लग रही है और शव करीब 24 घंटे से अधिक समय तक पानी में रहा है. हालांकि, स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों ने बायोकेमिकल रिपोर्ट के वास्ते ऑर्गन प्रिजर्व किए हैं और वजाइनल स्लाइड भी बनाई है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह साफ होगी.
गायब मोबाइल और बैग ने बढ़ाई उलझन
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी पहेली निक्की का मोबाइल फोन और उसका छोटा बैग है, जो घटना के बाद से अब तक बरामद नहीं हो सके हैं. पुलिस इन गायब सामानों को तलाशने में जुटी है क्योंकि मोबाइल से कई अहम सुराग मिल सकते हैं. पुलिस ने रैपिडो चालक का बयान दर्ज करने के साथ ही उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच भी शुरू कर दी है.
परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप
दूसरी तरफ, निक्की के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने इस मामले में सीधे तौर पर अपहरण और हत्या की आशंका जताई है. उनका कहना है कि यह कोई साधारण मौत या हादसा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
जांच के दायरे में मौत की मिस्ट्री
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के बाद उनके पिता को सौंप दिया गया है. पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी डेटा के आधार पर हर संभावित एंगल से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही इस बात का पता लगा लिया जाएगा कि निक्की की अंतिम यात्रा का असली सच क्या था.
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