मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एमआईजी (MIG) थाने के नौ पुलिसकर्मियों पर एक बेगुनाह टीबी मरीज को ड्रग्स के झूठे केस में फंसाने और उसकी मौत का कारण बनने का गंभीर आरोप लगा है. महज 30 किलो वजन के अजय सोनी को पुलिस घर से जबरन उठाकर ले गई थी, जिसकी जेल में मौत के बाद अब कोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला.
ADVERTISEMENT
घर से जबरन उठाकर ले गई पुलिस
यह दर्दनाक कहानी 15 नवंबर 2024 को शुरू हुई थी. परिजनों का आरोप है कि अजय सोनी गंभीर टीबी की बीमारी से जूझ रहा था और उसका वजन सिर्फ 30 किलो रह गया था. डॉक्टरों ने भी उसे जवाब दे दिया था. इसके बावजूद, एमआईजी थाने के नौ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और बिना किसी वारंट या एफआईआर के उसे जबरन उठा लिया. जब अजय के पिता ने विरोध किया, तो पुलिस ने सिर्फ पूछताछ करने की बात कहकर उसे साथ ले लिया.
4 लाख की रिश्वत और गिरफ्तारी का फर्जी ड्रामा
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अजय को छोड़ने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. पिता ने जैसे-तैसे 25 हजार रुपये दिए भी, लेकिन पुलिस ने अजय को नहीं छोड़ा. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिस ने अजय को दोपहर 12:40 बजे घर से उठाया था, लेकिन कागजों में उसकी गिरफ्तारी रात 9:19 बजे किसी दूसरी जगह से 10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दिखाई गई. पुलिस के इस फर्जी एनकाउंटर नुमा खेल ने एक बेगुनाह की जान दांव पर लगा दी.
जेल के सदमे ने ले ली जान
झूठे एनडीपीएस (NDPS) केस में फंसने और जेल जाने के सदमे को अजय बर्दाश्त नहीं कर पाया. 12 दिसंबर 2024 को जेल में ही उसकी मौत हो गई. परिजनों ने हार नहीं मानी और सीसीटीवी फुटेज के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने अब इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं. अजय के वकील ने कोर्ट में वे तमाम स्क्रीनशॉट पेश किए हैं जो पुलिस की गिरफ्तारी वाली थ्योरी को पूरी तरह झूठा साबित करते हैं.
सिस्टम और पुलिस पर गंभीर सवाल
इस मामले ने इंदौर पुलिस की साख पर काला धब्बा लगा दिया है. पुलिस कमिश्नर ने इस पर 'जीरो टॉलरेंस' की बात कहते हुए सख्त विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह पहला मौका नहीं है जब एमपी पुलिस पर झूठी गिरफ्तारियों के आरोप लगे हों, इससे पहले मंदसौर में भी हाईकोर्ट पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. सवाल यह है कि आखिर 30 किलो के एक मरणासन्न युवक को 'ड्रग तस्कर' बताकर पुलिस ने क्या हासिल किया?
यहां देखें वीडियो
यह खबर भी पढ़ें: कैलाश विजयवर्गीय के साथ बड़ा खेल? झंडारोहण की लिस्ट से नाम कटा, 10 दिन की छुट्टी पर गए मंत्री जी
ADVERTISEMENT

