Indore water contamination: पुलिस चौकी के शौचालय का पानी वाटर सप्लाई में घुसा, इंदौर में ... मौतों का सच सामने आया

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

02 Jan 2026 (अपडेटेड: Jan 2 2026 11:26 AM)

Indore water contamination: इंदौर के भागीरथपुरा में पाइपलाइन लीकेज के कारण ड्रेनेज का पानी नलों में मिल गया, जिससे 4 लोगों की मौत और करीब 1400 लोग बीमार हो गए. लैब रिपोर्ट से गंदे पानी की पुष्टि हुई है और अब पूरे मध्य प्रदेश के लिए नई SOP बनाने की तैयारी है.

जहरीले पानी मामले में बड़ा खुलासा
जहरीले पानी मामले में बड़ा खुलासा
Google CTA

पिछले सात सालों तक देश का सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाला शहर इंदौर आज 'जहरीले' पानी से हुए मौतों पर लेकर चर्चा में है. दरअसल इस शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया. जिसे पीने से अब तक इलाके में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

Read more!

अब इस मामले में एक ताजा लैब टेस्ट रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में बात की पुष्टि हो चुकी है कि भागीरथपुरा में मची तबाही का कारण गंदा पानी ही था. इतना ही नहीं इंदौर के कुछ इलाकों में भी यही जानलेवा पीने के पानी का सप्लाई सिस्टम है. 

लैब रिपोर्ट ने कर दिया बड़ा खुलासा

इंदौर के सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक एक जगह पाइपलाइन में लीकेज था जिससे पीने के पानी में गंदगी मिल गई. हालांकि उन्होंने टेस्ट रिपोर्ट के तकनीकी ब्योरे साझा नहीं किए. 

पुलिस चौकी के पास बना शौचालय बना मौत की वजह

जांच में पता चला कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पानी की लाइन में उसी जगह रिसाव था जहां एक शौचालय बना हुआ है. इसी लीकेज के कारण नलों में सीधा गंदा पानी पहुंचता रहा और लोगों को पता ही नहीं चला कि वे रोज जहर पी रहे हैं. 

पूरे इलाके की पाइपलाइन खंगाल रही सरकार

अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि फिलहाल पूरे इलाके की पानी की सप्लाई लाइन की बारीकी से जांच करवाई जा रही है ताकि कहीं और भी ऐसी गड़बड़ी न छूट जाए. उन्होंने कहा कि गुरुवार से भागीरथपुरा में फिर से साफ पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है लेकिन लोगों को फिलहाल पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी गई है. इस पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं. 

पूरे एमपी के लिए बनेगी नई SOP

इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए राज्य सरकार अब पूरे मध्य प्रदेश के लिए पानी की सप्लाई को लेकर एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार करने जा रही है. ताकि फ्यूचर में कहीं भी ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए. मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर अफसरों ने खुद भागीरथपुरा पहुंचकर हालात का जायजा भी लिया. 

डराने वाले आंकड़े

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुरुवार को भागीरथपुरा के 1714 घरों में सर्वे किया गया जिसमें 8571 लोगों की जांच हुई. इनमें 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण मिले जिन्हें घर पर ही दवा दी गई.

बीते आठ दिनों में 272 मरीज अस्पताल में भर्ती कराए गए जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है. फिलहाल 201 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनमें से 32 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है. इंदौर की यह घटना सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे पूरे शहर को बीमार कर सकती है.

ये भी पढ़ें: Indore: 'वो हमारे लीडर हैं, घंटा बोलेंगे...' पत्रकार के सवाल पर भड़के पार्षद की हुई घनघोर बेइज्जती, जानें कौन हैं वो