जबलपुर बरगी डैम में 13 मौतों का गुनहगार कौन? जांच पूरी होने से पहले ही क्रूज को तोड़कर सबूत मिटाने की कोशिश!

Jabalpur Cruise Tragedy: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हादसे के समय इंजन फेल होने, 38 लाख की मरम्मत पर उठे सवाल, जांच पूरी होने से पहले क्रूज को तोड़े जाने और बिना वैध बीमा के सैलानियों को सफर कराने जैसे खुलासों ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया है.

Bargi Dam Cruise Accident
Bargi Dam Cruise Accident

आशुतोष शुक्ला

follow google news

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा अब सवालों के घेरे में है. जिस हादसे ने 13 हंसती-खेलती जिंदगियों को जल समाधि दे दी, उसे लेकर अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पर्यटन विभाग के दावों और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक प्राकृतिक हादसा था या फिर लापरवाही का नतीजा. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

Read more!

पायलट ने किया बड़ा खुलासा

हादसे के वक्त क्रूज का संचालन कर रहे पायलट महेश पटेल ने एक स्थानीय अखबार को दिए इंटरव्यू में विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं. पायलट के मुताबिक, हादसे के समय क्रूज का एक इंजन तकनीकी रूप से फेल था और वह पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रहा था. रिपोर्ट के अनुसार, इंजन धीमा होने के कारण क्रूज लहरों का सामना नहीं कर पाया. इसके अलावा, पायलट ने यह भी बताया कि संचालन से पहले मौसम की कोई चेतावनी भी जारी नहीं की गई थी.

38 लाख की मरम्मत और दावों की पोल

हैरानी की बात यह है कि जिस क्रूज के साथ यह हादसा हुआ, उसे साल 2024 में ही मीडियम रिफिट यानी मरम्मत किया गया था. इस मरम्मत कार्य में लगभग 38 लाख रुपये खर्च किए गए थे और दावा किया गया था कि अब अगले 10 सालों तक यह क्रूज बिना किसी तकनीकी खराबी के चलेगा. लेकिन हादसे के वक्त इंजन का फेल होना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मरम्मत के नाम पर खर्च किए गए 38 लाख रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए? 

जांच से पहले क्रूज को तोड़ने पर उठे सवाल

हादसे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली सबसे ज्यादा संदिग्ध नजर आ रही है. अभी उच्च स्तरीय समिति की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि प्रशासन ने उस क्रूज को ही तोड़ दिया. जानकारों का मानना है कि क्रूज के इंजन और हल (Hull) को तोड़ने से सबसे अहम तकनीकी सबूत नष्ट हो गए हैं. सवाल यह है कि जब जांच चल रही थी, तो ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि सबूतों को ही मिटा दिया गया? क्या किसी बड़ी तकनीकी खामी को छिपाने के लिए ऐसा किया गया? 

बिना बीमा के मौत के सफर पर थे सैलानी

लापरवाही की हद यहीं खत्म नहीं होती. खबर निकलकर सामने आ रही है कि 20 साल पुराना यह क्रूज बिना किसी वैध बीमा के लहरों पर दौड़ रहा था. सैलानियों से 200 रुपये का टिकट तो लिया गया, लेकिन उनका कोई बीमा कवर नहीं था. देश के अन्य राज्यों में पर्यटन टिकट के साथ सुरक्षा कवर मिलता है, लेकिन मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग बिना किसी सुरक्षा गारंटी के लोगों की जान जोखिम में डाल रहा था.

प्रशासन और सरकार का पक्ष

इस पूरे मामले पर कलेक्टर का कहना है कि सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है और राहत राशि का प्रावधान किया जा रहा है. वहीं राज्य के पर्यटन मंत्री का कहना है कि एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक नई जांच टीम फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दे देती, तब तक प्रदेश में क्रूज का संचालन नहीं होगा.

यहां देखें वीडियो

Jabalpur cruise Incident News: क्रूज के सामने आए इस नए वीडियो ने कर दिए कई खुलासे, मच गया हड़कंप !

    follow google news