जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे की चीखें अभी शांत भी नहीं हुई थीं कि एक भावुक वीडियो ने इस जख्म को और हरा कर दिया है. इस वीडियो में 39 साल की मरीना मैसी अपने 4 साल के मासूम बेटे त्रिशान को गोद में लिए क्रूज पर बैठी नजर आ रही हैं. गुलाबी शर्ट पहने त्रिशान अपनी मां की गोद में सुरक्षित और खुश दिख रहा है, उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस मां की आंचल में वह खेल रहा है, कुछ ही पलों में वही मां उसे सीने से चिपकाए मौत की लहरों से जंग लड़ रही होगी.
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आखिरी वीडियो: मां की गोद में बच्चा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस नए वीडियो में मरीना और त्रिशान की मासूमियत देख हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि हादसा होने से कुछ समय पहले तक सब कितना सामान्य था. छोटा सा त्रिशान गुलाबी शर्ट में अपनी मां की गोद में सुकून से बैठा है. गुलाबी रंग की शर्ट पहनकर वह अपनी मां के साथ हमेशा के लिए खामोश हो गया. जब गोताखोरों ने मरीना का शव निकाला, तब भी वह इसी मासूम को अपने सीने से चिपकाए हुए थीं.
'मम्मी तो हमेशा के लिए चली गईं...'
मरीना के दिल्ली स्थित मायापुरी घर पर मातम पसरा है. उनकी बहन सिम्पी का रो-रोकर बुरा हाल है. सिम्पी के पति ने रुंधे गले से बताया, "हादसे से कुछ देर पहले मरीना का वीडियो कॉल आया था. आसमान में बादल थे, हवाएं चल रही थीं और क्रूज पर गाने बज रहे थे. सब बहुत खुश थे."
शाम करीब 5 बजे अचानक सिम्पी का फोन बजा. दूसरी तरफ से मरीना की चीखें सुनाई दे रही थीं. वह चिल्ला रही थीं, "हमारा क्रूज डूब रहा है... भगवान के लिए प्रेयर करो... हमें बचा लो." इसके बाद फोन कट गया. सिम्पी के पति भागते हुए घर पहुंचे, हर तरफ फोन लगाए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. तभी एक अनजान शख्स का कॉल आया और ससुर जूलियस मसीह ने दूसरी तरफ से रोते हुए कहा, "बेटा, तुम्हारी मम्मी तो हमेशा के लिए चली गईं."
बेटे को बचाने की आखिरी जद्दोजहद
मरीना अपने बेटे त्रिशान के साथ पलट चुकी बोट के भीतर फंस गई थीं. चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, उन्होंने आखिरी सांस तक अपने बेटे को बचाने के लिए संघर्ष किया. जब प्रदीप मसीह (मरीना के पति) ने सबको लाइफ जैकेट बांटना शुरू किया, तो मरीना ने एक जैकेट में त्रिशान को रखकर कसकर जकड़ लिया था, ताकि लहरें उसे उनसे अलग न कर सकें. प्रदीप अपनी बेटी सिया और ससुर को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन अपनी पत्नी, बेटे और सास को नहीं बचा सके.
ग्राउंड जीरो पर मौजूद लोगों ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान एक शख्स गुलाबी शर्ट पहने अपनी 14 साल की बेटी के साथ हर स्ट्रेचर की तरफ भागता. जैसे ही कोई महिला का शव निकलता, वह उम्मीद और डर के साथ उसे देखता. जब एक स्ट्रेचर पर औंधे मुंह पड़ी महिला का शव पलटा गया, तो पूरा बरगी डैम प्रदीप मसीह की चीखों से गूंज उठा. यह मरीना थीं, जिन्होंने मरने के बाद भी त्रिशान को अपने कलेजे से अलग नहीं होने दिया था. मां-बेटे का यह अटूट बंधन देख वहां मौजूद हर गोताखोर की आंखें नम हो गईं.
लापरवाही ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार
प्रदीप के बड़े भाई के गृह प्रवेश के लिए दिल्ली से 6 लोग जबलपुर गए थे. सब खुश थे, लेकिन क्रूज चालक की एक जिद ने सब खत्म कर दिया. परिजनों का आरोप है कि मौसम खराब होने की चेतावनी के बावजूद चालक क्रूज को अंदर ले गया. मासूम सिया ने भी मिन्नतें की थीं कि 'अंकल क्रूज वापस घुमा लो', लेकिन उसने एक न सुनी.
दिल्ली से 6 लोग गए थे, लेकिन अब सिर्फ 3 वापस लौटेंगे. पीछे रह गया है तो बस वो वीडियो, जिसमें गुलाबी शर्ट वाला त्रिशान अपनी मां की गोद में आखिरी बार मुस्कुराता दिख रहा है. अब घर में सिर्फ सन्नाटा है और कभी न खत्म होने वाला दर्द.
देखिए वीडियो
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