MP Files: क्या कमलनाथ जाएंगे राज्यसभा? कांग्रेस के 'मैनेजमेंट गुरु' पर दांव खेलने की तैयारी, जानें क्या है बीजेपी का प्लान

रवीशपाल सिंह

• 11:36 AM • 15 Apr 2026

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उम्मीदवार बना सकती है. पार्टी को उम्मीद है कि कमलनाथ के अनुभव और मैनेजमेंट के दम पर क्रॉस वोटिंग का खतरा टल जाएगा और वे ससम्मान संसद पहुंचेंगे.

कमलनाथ
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मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस एक बड़े और अनुभवी चेहरे पर दांव लगाने का मन बना रही है. सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम इस दौड़ में सबसे आगे चल रहा है. कांग्रेस आलाकमान को लगता है कि कमलनाथ ही वह इकलौता चेहरा हैं, जो विधायकों को एकजुट रख सकते हैं और बीजेपी के किसी भी 'ऑपरेशन' को फेल कर सकते हैं.

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क्यों उठी कमलनाथ को राज्यसभा भेजने की मांग?

एमपी तक की खास पेशकश 'एमपी फाइल्स' के अनुसार, कांग्रेस के भीतर कई नामों पर चर्चा हुई, जिनमें मीनाक्षी नटराजन का नाम भी शामिल था. हालांकि, क्रॉस वोटिंग के डर और विधायकों की गुटबाजी को देखते हुए पार्टी किसी ऐसे चेहरे की तलाश में थी जिसकी स्वीकार्यता सभी गुटों में हो. कमलनाथ न केवल पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं, बल्कि उनके पास लंबा संसदीय अनुभव भी है.

कांग्रेस को सता रहा है 'क्रॉस वोटिंग' का डर

हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस सहमी हुई है. मध्य प्रदेश में भी पार्टी को डर है कि अगर बीजेपी ने तीसरी सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा, तो उसके विधायकों में सेंध लग सकती है. कमलनाथ को 'मैनेजमेंट का माहिर' माना जाता है. उनके बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी अच्छे संबंध माने जाते हैं, जिससे कांग्रेस को उम्मीद है कि उनके नाम पर बीजेपी शायद ही कोई बड़ा राजनीतिक दांव-पेच खेले.

बीजेपी का क्या है रुख?

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों में से दो पर बीजेपी की जीत तय है. तीसरी सीट के लिए बीजेपी के पास अतिरिक्त वोट तो हैं, लेकिन जीत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे बड़ी संख्या में विपक्षी विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी फिलहाल किसी भी तरह की किरकिरी से बचने के लिए तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने का जोखिम नहीं लेना चाहती. अगर बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारती है, तो कमलनाथ का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है.

दिल्ली की राजनीति में वापसी की तैयारी

कमलनाथ ने अपने राजनीतिक जीवन का अधिकांश समय दिल्ली और संसद में बिताया है. वर्तमान में वह केवल छिंदवाड़ा से विधायक हैं और प्रदेश की सक्रिय राजनीति में उनकी मौजूदगी कम ही देखी जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में बेटे नकुलनाथ की हार के बाद, कमलनाथ के लिए राज्यसभा एक ससम्मान वापसी का जरिया हो सकता है. दिग्विजिय सिंह का कार्यकाल खत्म होने के बाद, कांग्रेस को संसद के उच्च सदन में एक कद्दावर आवाज की जरूरत है, जिसे कमलनाथ बखूबी पूरा कर सकते हैं.