कटनी जमीन डील मामला: निलंबित DSP नेहा पच्चीसिया को कोर्ट से झटका, अब 29 अगस्त पर टिकी नजरें

अमर ताम्रकार

• 10:56 AM • 26 Aug 2026

Katni Neha Pachhisiya Case: कटनी के बहुचर्चित जमीन डील मामले में निलंबित DSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. जिला न्यायालय से उन्हें अग्रिम जमानत पर तुरंत राहत नहीं मिली है और मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी. भ्रष्टाचार की धाराएं बढ़ने के साथ ही SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

निलंबित DSP नेहा पचौरी को कोर्ट से राहत नहीं
निलंबित DSP नेहा पचौरी को कोर्ट से राहत नहीं
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Katni Land Deal DSP Neha Pachhisiya Case: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बहुचर्चित जमीन डील मामले में फंसी निलंबित डीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके सहयोगियों की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. एक तरफ जहां पुलिस ने दर्ज एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम  की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला न्यायालय से डीएसपी को तत्काल कोई राहत नहीं मिली है.

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अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है, जिसके बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय की गई है.

जानिए क्या है कटनी का बहुचर्चित जमीन डील मामला

यह पूरा मामला कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र का है, जो कि जेल में बंद आकाश लोधी के परिवार की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की कथित बिक्री और रजिस्ट्री से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि आकाश के जेल जाने के बाद उसके परिवार पर जमीन बेचने के लिए लगातार दबाव बनाया गया.

शिकायत के मुताबिक, तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया के दबाव में आकाश के पिता रमेश लोधी को कथित तौर पर दो दिनों तक घर पर बैठाकर रखा गया और बाद में सरकारी वाहन से ले जाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई.

जमीन का कुल सौदा लगभग 1 करोड़ 7 लाख रुपये में तय हुआ था. आरोप है कि रजिस्ट्री के वक्त पीड़ित परिवार को केवल 15 लाख रुपये का चेक दिया गया और बाकी बचे 92 लाख रुपये 7 दिनों के भीतर देने का वादा किया गया, लेकिन यह बकाया राशि आज तक नहीं दी गई.

भ्रष्टाचार की धाराएं बढ़ाई गईं, SIT कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए कटनी के कुठला थाने में अपराध क्रमांक 738/26 दर्ज किया गया है. पुलिस महानिरीक्षक (IG) के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान जबलपुर की एडिशनल एसपी अंजना तिवारी को सौंपी गई है.

SIT द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों, रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर दर्ज एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 और 13 को बढ़ा दिया गया है. एसआईटी की टीम कानूनी प्रक्रियाओं के तहत लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.

निलंबन के बाद से फरार चल रही हैं डीएसपी नेहा पच्चीसिया

विभागीय जांच में शुरुआती तथ्य सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए डीएसपी नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच कर दिया गया था.

एफआइआर दर्ज होने के वक्त नेहा पच्चीसिया भोपाल में विभागीय ट्रेनिंग में थीं, लेकिन मामला दर्ज होते ही वह अपने अन्य सह-आरोपियों (क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हफी) के साथ फिलहाल फरार हो गई हैं. गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई. अब 29 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

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