हां, मैं अभिनंदन लाल हूं, तुम टपोरी लाल... मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव का कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार, जानें पूरा मामला

Shajapur News: शाजापुर के शुजालपुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जीतू पटवारी को टपोरी लाल कहे जाने पर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. इस तीखे हमले पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने इसे किसान पुत्र का अपमान बताया, वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मुख्यमंत्री को भाषाई मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी है.

मोहन यादव और जीतूू पटवारी
मोहन यादव और जीतूू पटवारी

मनोज पुरोहित

follow google news

MP News: मध्यप्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है. शाजापुर जिले के शुजालपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर जमकर निशाना साधा. हाल ही में जीतू पटवारी ने उन्हें 'मोहन लाल अभिनंदन यादव' कहा था. जिसके जवाब में सीएम ने मंच से ही पलटवार करते हुए कहा, 

Read more!

"वह मुझे अभिनंदन लाल कहते हैं. हां, मैं अभिनंदन लाल हूं. तुम टपोरी लाल हो, ढपोरशंख हो. जितने भी नाम तुम्हारे दिमाग में आ सकते हैं, वे सब तुम पर ही फबते हैं. जब राज्य में विकास होता है, तो उनका दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष हाय-तौबा मचाने लगता है. मैंने आजादी के बाद से कांग्रेस का इतना निकम्मा प्रदेश अध्यक्ष कभी नहीं देखा. एक ऐसा नेता जो अपनी खुद की सीट भी नहीं बचा सका उसे कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया है."

सीएम यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि उसे चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने पटवारी का नाम लिए बिना कहा कि जो नेता अपनी खुद की विधानसभा सीट नहीं बचा सका और करीब 40 हजार वोटों से हार गया, वही आज प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाले हुए है. मुख्यमंत्री के मुताबिक कांग्रेस आज अपने ही कर्मों का परिणाम भुगत रही है और इसी वजह से उसका जनाधार लगातार घटता जा रहा है.

जीतू पटवारी का जवाब

मुख्यमंत्री के बयान के बाद जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें रद्दी कहा, दो कौड़ी का कहा और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. पटवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव हारना ही किसी की योग्यता का पैमाना है तो क्या यही बातें देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर भी लागू होती हैं, जो कभी चुनाव हारे थे. उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और ऐसे शब्द किसानों का भी अपमान हैं.

कमलनाथ भी आए बचाव में

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस विवाद में एंट्री की और मुख्यमंत्री मोहन यादव की भाषा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को भाषा की मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए. कमलनाथ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके नेताओं के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की है.

उन्होंने भाजपा सरकारों पर भी हमला बोला और कहा कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भाजपा की सरकारें अच्छे कामों से ज्यादा व्यापम और नर्सिंग घोटालों को लेकर चर्चा में रही हैं.

आखिर क्या है 'अभिनंदन लाल' विवाद?

दरअसल, कुछ दिन पहले सतना में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर मंच से चुटकी ली थी. उन्होंने लोगों से पूछा था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को कौन-कौन जानता है और फिर उन्हें "मोहन लाल अभिनंदन यादव" कहकर संबोधित किया था. उसी बयान का जवाब अब शुजालपुर में मुख्यमंत्री ने अपने अंदाज में दिया है.

350 करोड़ के विकास कार्यों का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को शुजालपुर पहुंचे थे. यहां उन्होंने करीब 350 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. कार्यक्रम से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना. इसके बाद शहर में रोड शो किया और सीएम राइज स्कूल में आयोजित जनसभा को संबोधित किया.

हालांकि विकास कार्यों के इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं के बीच चली तीखी बयानबाजी की रही, जिसने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है.

 

    follow google news