MP Weather Update 19 August: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा मौसम अपडेट के मुताबिक, 19 अगस्त को मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का प्रचंड रूप देखने को मिल सकता है. बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ लाइन की वजह से पूरे प्रदेश में तेज हवाओं, गरज-चमक और झमाझम बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है. मौसम केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में सबसे ज्यादा तबाही और बारिश की तीव्रता देखने को मिल सकती है. जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, कटनी, नरसिंहपुर, शहडोल और बालाघाट में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की पूरी संभावना है. प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं.
इन जेलों में रहेगा बादलों का डेरा रहेगा
वहीं, मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी. राजधानी भोपाल समेत सीहोर, विदिशा, रायसेन, इंदौर, उज्जैन, देवास और धार में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. यद्यपि इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के आसार कम हैं, लेकिन दिनभर चलने वाली ठंडी हवाओं और हल्की फुहारों के कारण तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे आम जनता को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
उत्तरी और बुंदेलखंड अंचल की स्थिति पर नजर डालें तो ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. यहाँ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है. दूसरी ओर, नर्मदापुरम और हरदा जैसे नर्मदा तटीय क्षेत्रों में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा, जहाँ दोपहर बाद तेज बारिश के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं.
किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम वैज्ञानिकों ने संभावित खतरों को देखते हुए आम जनमानस और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है. आकाशीय बिजली से बचाव के लिए खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या पानी के स्रोतों के पास न खड़े होने की सख्त हिदायत दी गई है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों में जलजमाव न होने दें और जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें. भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों में वाहन चालकों को संभलकर चलने और उफनते नदी-नालों को पार न करने की हिदायत दी गई है.
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