लाड़ली बहना योजना को बड़ा झटका: इंदौर सहित 5 शहरों में 40 हजार से ज्यादा नाम कटे!

न्यूज तक

18 Apr 2025 (अपडेटेड: Apr 18 2025 11:22 AM)

Ladli Behna Yojna: मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना में लाड़ली से लगातार किनारा किया जा रहा है. उनके नाम काटे जा रहे हैं. अब एक बार फिर से बड़े शहरों में लाड़ली बहनों के नाम काटे गए हैं. पहले से ही दो लाख नाम योजना की लिस्ट से गायब हो चुके हैं. 

लाड़ली बहना योजना से लगातार नाम काटे जा रहे हैं.
लाड़ली बहना योजना से लगातार नाम काटे जा रहे हैं.
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एमपी में लाड़ली बहनों के खाते में पैसे आ गए. सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1552.38 करोड़ रुपए भेजे. मंडला में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को कई सुझाव दिए. सीएम ने लाड़ली बहनों से फिजूलखर्ची करने से बचने की अपील भी. लाड़ली बहना योजना की शुरुआत तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 2023 विधानसभा चुनाव के पहले किया था. 

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उस समय योजना के तहत लाड़ली बहनों को एक हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाते थे. हालांकि बाद में इसे बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था. लेकिन लाड़ली बहनों के नाम लगातार काटे जा रहे हैं. अब एक बार फिर से बड़े शहरों में लाड़ली बहनों के नाम काटे गए हैं. पहले से ही दो लाख नाम योजना की लिस्ट से गायब हो चुके हैं. 

शिवराज सिंह चौहान ने जिस वक्त लाड़ली बहना योजना की शुरूआत की थी उस वक्त इसके लिए 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन आए थे,  इसमें से 2 लाख 18 हजार आवेदनों को कई तरह की आपत्तियों के चलते हटा दिया गया था. इसके बाद लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 थी, जो अब घटकर करीबन 1 करोड़ 27 लाख हो गई है. मतलब लाड़ली बहना योजना में तकरीबन 2 लाख  महिलाओं के नाम काटे गए है. 

इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सतना और गुना में गायब हुए नाम

इनमें से 15 हजार 735 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी लाड़ली बहनों की उम्र 60 साल अधिक हो गया था. अगर हम राज्य की कुछ प्रमुख शहरों की बात करें तो इंदौर में इस योजना से जुड़ी 7935 लाड़ली बहनों के नाम काटे जा चुके हैं. जबलपुर में 9,803, ग्वालियर में 6692 सतना में 9171 गुना में 5,917 लाड़ली बहनों के लाड़ली बहना योजना की लिस्ट से कट चुकी है. इस योजना के नियमों के मुताबिक, 60 साल की उम्र पूरी करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए अपात्र हो जाती है. इसलिए उनके नाम हटा दिए जाते हैं. 

दिसंबर 2023 के बाद योजना में नहीं जुड़ा एक भी नाम 

इसी तरह महिलाओं की मृत्यु हो जाने पर भी उनके नाम हटाए जाते हैं. राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत लाड़ली बहनों के खातों में हर माह 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है. अभी तक 23  किस्त जारी की जा चुकी है. खास बात ये कि विधानसभा चुनाव 2023 के बाद एक भी लाड़ली बहना का नाम इस योजना से नहीं जुड़ा है. 

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3000 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं: सरकार

विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना को लेकर तमाम ऐलान किए थे. मामा ने कहा था कि उनकी मंशा लाड़ली बहना योजना की राशि 3 हजार रुपए तक ले जाने की है. 2023 विधानसभा में बीजेपी को बंपर बहुमत मिली. मोहन यादव एमपी के सीएम बनें. लेकिन अभी हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष ने सवाल किया था कि योजना की राशि बढ़ेगी या नहीं.

इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि लाडली बहना योजना के तहत राशि को 3000 रुपए तक करने का वर्तमान कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. फिलहाल सीएम मोहन यादव ने बुधवार को लाड़ली बहनों को तोहफा तो दे दिया. लेकिन लाड़ली बहनों को अभी 3000 रुपए प्रतिमाह मिलने का किसी ने कोई आश्वासन नहीं दिया.