मंडला: ₹2 लाख कैश लेकर चेंबर में बैठे थे CMO, तभी लोकायुक्त ने मारा छापा... आखिर किस बात की थी डील? सामने आया पूरा खेल

सैयद जावेद अली

• 04:43 PM • 26 Sep 2026

मध्य प्रदेश के मंडला नगर पालिका में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) गजानन नाफड़े को ₹2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. ठेकेदार के पेंडिंग बिलों का भुगतान करने के बदले सीएमओ कमीशन मांग रहे थे.

एमपी में रिश्वतखोर अधिकारी पर बड़ा एक्शन (प्रतिकात्मक फोटो)
एमपी में रिश्वतखोर अधिकारी पर बड़ा एक्शन (प्रतिकात्मक फोटो)
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मध्य प्रदेश के मंडला जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है. मंडला नगर पालिका में चल रहे ठेकेदारी और कमीशनखोरी के खेल का जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने भंडाफोड़ किया है. लोकायुक्त पुलिस ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) गजानन नाफड़े को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए उनके ही चेंबर से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

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40 लाख के भुगतान पर मांगा 10% कमीशन

जानकारी के अनुसार, शासकीय पंजीकृत ठेकेदार ज्ञानचंद बैन और उनकी पत्नी मंजू बैन ने मंडला नगर पालिका में एलईडी लाइट, वाटर कूलर, फिटकरी और पाइपलाइन जॉइंटर की आपूर्ति के टेंडर लिए थे. ठेकेदार की फर्म को पूर्व में करीब ₹39.23 लाख का भुगतान हो चुका था, लेकिन इसका कोई कमीशन सीएमओ गजानन नाफड़े को नहीं दिया गया था.

हाल ही में जब ठेकेदार अपने ₹15 लाख के एक और पेंडिंग बिल (वाटर कूलर व पाइप जॉइंटर) के भुगतान के लिए सीएमओ के पास पहुंचे, तो सीएमओ साहब ने पुरानी उधारी चुकाने का फरमान सुना दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुराने ₹40 लाख के भुगतान का 10% यानी ₹4 लाख कमीशन दोगे, तभी ₹15 लाख का नया पेमेंट पास होगा. पैसे न देने की सूरत में ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने और आगे का भुगतान रोकने की धमकी भी दी गई.

हाथ-पांव जोड़ने पर 2 लाख में तय हुआ सौदा

ठेकेदार ज्ञानचंद बैन के काफी हाथ-पांव जोड़ने और घाटे का रोना रोने के बाद सौदा ₹2 लाख कैश पर तय हुआ. बाकी के ₹2 लाख ₹15 लाख का पेंडिंग भुगतान होने के बाद देने की बात हुई. मजबूरी में ठेकेदार ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से कर दी.

शिकायत मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने वॉइस रिकॉर्डर के जरिए बातचीत का सत्यापन किया. सत्यापन सही पाए जाने पर लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया. जैसे ही ठेकेदार ज्ञानचंद बैन ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर सीएमओ गजानन नाफड़े को उनके चेंबर में ₹2 लाख कैश दिए, तभी पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उन्हें रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया.

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नगर पालिका परिसर में मचा हड़कंप

लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से मंडला नगर पालिका में हड़कंप मच गया. जिस अधिकारी के कंधों पर शहर के विकास की जिम्मेदारी थी, वह खुद अपने चेंबर को कमीशनखोरी का अड्डा बनाए बैठा था. लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी सीएमओ गजानन नाफड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

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