पहले कॉफी पिलाई, कमरे में ले गए और फिर नेता जी के साथ!... मऊगंज में हनी ट्रैप में फंसाने वाली 'हसीना' का खेल हुआ बेनकाब

MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को हनी ट्रैप में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक कैफे संचालक दंपति ने नेताजी को कॉफी में नशीला पदार्थ देकर उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और फिर लाखों की मांग की. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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गौरव जगताप

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Mauganj Honey Trap Case: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से राजनीति और अपराध के गठजोड़ की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है. पूर्व जिला उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा के साथ जुड़ा कथित आपत्तिजनक वीडियो अब एक सोची-समझी हनी ट्रैप साजिश के तौर पर उभर कर सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को कैफे संचालिका रुचि सिंह और उसके पति रविशंकर तिवारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.

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साजिश की शुरुआत: 'सम्मान' के नाम पर कैफे में बुलावा

विनोद मिश्रा के नाती ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा किया है. उनके मुताबिक, रुचि सिंह और रविशंकर तिवारी ने विनोद मिश्रा के घर के ठीक बगल में ही अपना कैफे खोला था. वे बार-बार विनोद मिश्रा को अपनी दुकान पर चाय-कॉफी के लिए बुलाते थे ताकि इलाके के एक सम्मानित व्यक्ति के आने से उनकी दुकान की पब्लिसिटी बढ़े और भीड़ जमा हो सके. काफी दबाव और भावुक अपील के बाद, एक दिन विनोद मिश्रा उनके कैफे पर जाने के लिए राजी हो गए.

कॉफी में नशा और गुप्त कैमरे का जाल

दावा किया जा रहा है कि कैफे में विनोद मिश्रा को जो कॉफी सर्व की गई, उसमें कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था. कॉफी पीने के कुछ ही देर बाद विनोद मिश्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और सिर चकराने लगा. वे जब वहां से उठकर जाने लगे तो रुचि सिंह ने उन्हें सहारा देने के बहाने रोका और आराम करने के लिए अंदर एक कमरे में ले गई. इसी कमरे में पहले से ही गुप्त (स्पाई) कैमरा लगा हुआ था, जिसके जरिए उनका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया.

50 लाख की फिरौती और ब्लैकमेलिंग का खेल

वीडियो बनाने के बाद असली खेल शुरू हुआ. आरोपी दंपति ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर विनोद मिश्रा से ₹50 लाख की मोटी रकम की मांग की. परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने कई बार फोन करके दबाव बनाया. विनोद मिश्रा ने जब फोन उठाना बंद कर दिया तो आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास इलाके के कई अन्य रसूखदार लोगों, नेताओं और अफसरों की भी एक लिस्ट थी, जिन्हें वे इसी तरह निशाना बनाने की योजना बना रहे थे. 

पुलिस जांच और पुराना रिकॉर्ड

शुरुआती जांच में पता चला है कि रुचि सिंह पहले भी कई विवादित मामलों में घिर चुकी है. पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस पूरी साजिश में और कितने लोग शामिल हैं और स्पाई कैमरा लगाने में किसने मदद की. मऊगंज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है. इस घटना ने एक बार फिर रसूखदार लोगों के खिलाफ हनी ट्रैप के बढ़ते जाल को उजागर कर दिया है. 

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