लाडली बहना योजना पर सीएम मोहन यादव के बयान से गरमाई एमपी की सियासत, कांग्रेस का तंज- "चुनाव से पहले लाडली, सत्ता में आते ही परेशानी"

आकांक्षा ठाकुर

• 02:24 PM • 05 Oct 2026

कंटेंट क्रिएटर के सवाल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- 'मुझे क्या पता था सीएम बनते ही इतनी मार पड़ेगी'; उमंग सिंघार बोले- यही है बीजेपी का महिला सम्मान.

Ladli Behna Scheme MP
सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना पर दिया बड़ा बयान
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मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित 'लाडली बहना योजना' को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक हालिया बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. एक कार्यक्रम में जब कंटेंट क्रिएटर ने बच्चियों के लिए योजना शुरू करने को लेकर सवाल पूछा, तो मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में बयान दिया, जिसे लेकर अब कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है

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कंटेंट क्रिएटर के सवाल पर सीएम का जवाब

एक निजी कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद के दौरान एक क्रिएटर ने सीएम मोहन यादव से पूछा कि महिलाओं के लिए लाडली बहना योजना चला दी गई है, लेकिन बच्चियों के लिए क्या किया जाएगा. इस पर सीएम ने कहा, "मुझे क्या पता था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है". इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ₹1000 से शुरू हुई इस योजना की राशि को बढ़ाकर ₹1500 किया गया है और आगे इसे और बढ़ाया जाएगा. उन्होंने क्रिएटर से मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि जब वह इस योजना की पात्रता के लायक होंगी, तब उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा.

कांग्रेस का हमला: 'बीजेपी के महिला सम्मान का सच आया सामने'

सीएम मोहन यादव की टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने लिखा, "चुनाव से पहले लाडली, सत्ता में आते ही परेशानी... यही है बीजेपी का महिला सम्मान". इसके साथ ही योजना में नए फॉर्म न निकलने और नई महिलाओं के नाम न जुड़ पाने को लेकर भी कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है.

लाडली बहना योजना की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश में साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी. शुरुआत में योजना के तहत ₹1000 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे सितंबर 2023 में बढ़ाकर ₹1250 किया गया. इसके बाद दिवाली पर सीएम मोहन यादव ने इस राशि को बढ़ाकर ₹1500 कर दिया. सरकार ने वादा किया है कि साल 2028 तक इस राशि को ₹3000 प्रति माह तक ले जाया जाएगा. वर्तमान में राज्य की 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना की लाभार्थी हैं.