महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा और फरमान खान की शादी की चर्चा अब बागपत के गलियारों में जोरों पर है. फरमान के पैतृक गांव पलड़ा में इस शादी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. जहां एक तरफ फरमान के परिवार ने मोनालिसा को बहू के रूप में स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है, वहीं गांव के लोगों का नजरिया कुछ अलग है. आइए जानते है क्या-कुछ कहा है फरमान के गांव वालों ने.
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परिवार नाराज, पर गांव वालों को एतराज नहीं
फरमान के गांव पलड़ा में जब टीम पहुंची, तो वहां के बुजुर्गों और युवाओं से इस शादी पर खुलकर बात की. गांव के महबूब और शफीक जैसे बुजुर्गों का कहना है कि उन्हें हिंदू-मुस्लिम वाले विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. उनका मानना है कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुना है. हालांकि, उन्हें इस बात का दुख जरूर है कि फरमान ने शादी से पहले घर वालों को सूचना तक नहीं दी. गांव वालों ने साफ कहा है कि, 'उसे कम से कम फोन पर ही बता देना चाहिए था,'.
'आएंगे तो करेंगे भव्य स्वागत'
हैरानी की बात यह है कि जहां परिवार नाराजगी जता रहा है, वहीं गांव के युवा और बुजुर्ग फरमान और मोनालिसा का स्वागत करने को तैयार हैं. गांव वालों ने कहा, 'यह उनका निजी फैसला है. अगर फरमान मोनालिसा को लेकर गांव आता है, तो हम उनका अच्छी तरह स्वागत करेंगे.' गांव के युवाओं का कहना है कि कलाकार दुनिया में इस तरह की बातें आम हैं और जब दो लोग खुश हैं, तो विवाद नहीं होना चाहिए.
हिंदू-मुस्लिम विवाद को बताया 'बेफिजूल'
शादी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे 'लव जिहाद' या सांप्रदायिक विवादों पर गांव वालों ने दो-टूक कहा कि यह सब बेफिजूल की बातें हैं. उन्होंने बताया कि उनके गांव में पहले भी ऐसे मामले हुए हैं और लोग मिल-जुलकर रहते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि वे फरमान के पिता को समझाने की कोशिश करेंगे ताकि परिवार में मची इस रार को खत्म किया जा सके.
मोनालिसा की बढ़ी मुश्किलें?
भले ही गांव वाले समर्थन में हों, लेकिन मोनालिसा के लिए असली चुनौती उनका ससुराल है. फरमान के पिता का बयान कि 'हमें यह शादी कबूल नहीं है', मोनालिसा की नई जिंदगी में बड़ी बाधा बन सकता है. अब देखना होगा कि क्या फरमान अपने परिवार को मना पाते हैं या फिर मोनालिसा को अपने ससुराल से दूर ही रहना पड़ेगा.
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