मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत खुद पढ़ाने के बजाय किराए के टीचर से स्कूल चलवा रहे थे. प्रिंसिपल साहब रोज सुबह स्कूल आते, अपनी हाजिरी (अटेंडेंस) लगाते और तुरंत वहां से रफूचक्कर हो जाते थे. उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने स्थान पर एक स्थानीय युवती को 4,500 रुपये प्रति माह की मजदूरी पर रख छोड़ा था.
ADVERTISEMENT
औचक निरीक्षण में DEO ने खोली पोल
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बी. एस. इंडोलिया औचक निरीक्षण के लिए कैलारस ब्लॉक के पोखर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे. निरीक्षण के दौरान DEO साहब ने पाया कि स्कूल भवन पर ठीक से नाम भी नहीं लिखा था और न ही वहां पदस्थ शिक्षक मौजूद थे. कमरे में जाने पर उन्होंने देखा कि एक युवती बच्चों को पढ़ा रही है. पूछताछ करने पर युवती ने अपना नाम प्रीति रावत बताया. जब DEO ने उससे पूछा कि क्या वह सरकारी शिक्षक या अतिथि शिक्षक (गेस्ट टीचर) है, तो युवती ने साफ इंकार कर दिया.
4500 रुपये में 'ठेके' पर रखा गया था टीचर
युवती ने अधिकारी के सामने खुलासा किया कि वह ना तो सरकारी कर्मचारी है और ना ही अतिथि शिक्षक. उसने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरलाल रावत उसे हर महीने 4,500 रुपये देते हैं और अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए कहते हैं. वहीं स्कूल के छोटे बच्चों से जब DEO ने पूछा, तो उन्होंने भी मासूमियत से स्वीकार किया कि हेडमास्टर साहब कभी पढ़ाते नहीं हैं, वे बस हाजिरी लगाकर चले जाते हैं और मैडम ही उन्हें पढ़ाती हैं.
DEO ने ऑन-कैमरा बनाया वीडियो, सबूत जुटाए
इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बी. एस. इंडोलिया ने तुरंत मौके पर ऑन-कैमरा वीडियो रिकॉर्डिंग की और पूरे घटनाक्रम का सबूत जुटाया. वीडियो में युवती और बच्चों ने साफ तौर पर इस बात को स्वीकार किया है कि अमरलाल रावत हाजिरी लगाकर चले जाते थे. DEO ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी शिक्षक को 3 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, ताकि कोर्ट या कानूनी स्तर पर कोई तकनीकी अड़चन न आए.
कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट, सस्पेंशन और बर्खास्तगी की तैयारी
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का जवाब आने के बाद प्रधानाध्यापक अमरलाल रावत पर निलंबन (सस्पेंशन) और बर्खास्तगी की कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि गुरुजी पिछले काफी समय से ऐसा करते आ रहे थे और इस युवती से पहले भी उन्होंने एक अन्य व्यक्ति को पढ़ाने के लिए रखा हुआ था. फिलहाल इस मामले की पूरी रिपोर्ट कलेक्टर के संज्ञान में भी लाई जा रही है.
यहां देखें वीडियो
मध्य प्रदेश की यह खबर भी पढ़ें: 'शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?...' एथेनॉल पर बिगड़े बोल वाले BJP सांसद जनार्दन मिश्रा कौन हैं?
ADVERTISEMENT


