दतिया विधानसभा उपचुनाव/जीत के बाद से मध्य प्रदेश कांग्रेस बेहद उत्साहित नजर आ रही है. भारतीय जनता पार्टी को सूबे की सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस ने अब एक नया और बड़ा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. राष्ट्रीय मुद्दों से अलग हटकर कांग्रेस अब मध्य प्रदेश की जमीन पर उतरकर स्थानीय समस्याओं और जनमुद्दों को धार देने की पूरी तैयारी में है.
ADVERTISEMENT
सूत्रों और कांग्रेस आलाकमान के संदेश के मुताबिक, दिल्ली के रास्ते नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के गांवों, मोहल्लों और स्थानीय जन-समस्याओं के जरिए ही भोपाल की सत्ता तक पहुंचा जा सकता है.
11 अगस्त को भोपाल में PAC की अहम बैठक
कांग्रेस की इस पूरी रणनीति की रूपरेखा 11 अगस्त को भोपाल में होने वाली राजनीतिक मामलों की समिति (PAC - Political Affairs Committee) की महत्वपूर्ण बैठक में तय की जाएगी. इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत प्रदेश के सभी वरिष्ठ दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे.
हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ एमपी के शीर्ष नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी. हाईकमान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिला प्रभारियों और कार्यकर्ताओं को स्थानीय मुद्दों, मंडियों, सहकारिता आंदोलन और निकायों की समस्याओं को चिन्हित कर सीधे जनता के बीच जाना होगा.
इंदौर में शक्ति प्रदर्शन, शामिल हो सकते हैं राहुल गांधी
आगामी रणनीति के तहत कांग्रेस इंदौर में एक बहुत बड़े शक्ति प्रदर्शन और महा-आंदोलन की योजना बना रही है. 11 अगस्त की पीएसी (PAC) बैठक में इस आंदोलन की तारीखों पर अंतिम मुहर लगेगी. सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने खुद राहुल गांधी इंदौर आ सकते हैं.
सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप
पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके परिवार पर हुई हालिया प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए है. कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर बदले की राजनीति करने और विपक्षी नेताओं को डराने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि बीजेपी के निरंकुश शासन और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस दोगुनी रफ्तार से सड़कों पर उतरेगी.
ये भी पढ़ें: दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार पर पहली बार बोले CM मोहन यादव, जानें क्या कहा
ADVERTISEMENT


