मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर किसान आंदोलन का केंद्र बनती दिख रही है. राज्य में मूंग फसल की शत-प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीदी की मांग को लेकर किसान सड़कों पर हैं. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे सैकड़ों किसानों ने सावरकर सेतु के पास अपना पड़ाव डाल दिया है. प्रदर्शनकारी किसान अपने साथ राशन, बर्तन और रहने-खाने का पूरा सामान लेकर आए हैं और मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने की तैयारी में हैं.
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सुरक्षा घेरा तोड़कर राजधानी पहुंचे किसान
आंदोलनकारी किसानों ने भोपाल की सीमा पर लगाई गई पुलिस की कई बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए शहर के बाहरी हिस्सों में प्रवेश कर लिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. किसानों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मूंग की पूरी पैदावार की सरकारी खरीद की गारंटी और खाद वितरण से जुड़ी दिक्कतें दूर नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे.
राज्य सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र
किसान आक्रोश को देखते हुए मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मंगलवार को किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजकर मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने की मांग की है.
कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा है कि राज्य में इस सीजन 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का बंपर उत्पादन हुआ है. इसके मुकाबले वर्तमान में केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ही लक्ष्य तय है, जिसमें से लगभग 4.19 लाख मीट्रिक टन की खरीद पहले ही पूरी हो चुकी है. ऐसे में यदि लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया, तो प्रदेश के बड़े हिस्से के किसान सरकारी मदद से वंचित रह जाएंगे.
देश के कुल उत्पादन में MP की बड़ी हिस्सेदारी
मध्य प्रदेश देश के कुल मूंग उत्पादन में करीब 40 फीसदी का योगदान देता है. राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि खरीदी सीमा को बढ़ाकर कम से कम 8 लाख मीट्रिक टन किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को वाजिब दाम मिल सके.
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