MP की बदहाल स्वास्थ्य सेवा: अस्पताल के गेट पर ही फंसी रही एंबुलेंस, गेट नहीं खुला और चली गई मरीज की जान

MP health system failure: मध्य प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और चौंकाने वाली तस्वीर सतना से सामने आई है, जहां अस्पताल के गेट पर एंबुलेंस का दरवाजा नहीं खुला और इलाज से पहले ही मरीज की मौत हो गई. वायरल वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और 108 एंबुलेंस सिस्टम की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है.

MP health system failure
अस्पताल की गेट पर हीं फंसी रही एंबुलेंस
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मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. सतना जिले में एक गंभीर मरीज अस्पताल के दरवाजे तक तो पहुंच गया, लेकिन एंबुलेंस का गेट लॉक हो जाने की वजह से उसे समय पर इलाज नहीं मिल सका. जब तक गेट तोड़ा गया और मरीज को अंदर ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. आइए विस्तार से जानते है पूरा मामला.

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क्या है पूरा मामला?

घटना सतना जिले के रामनगर की है. यहां के रहने वाले राम प्रसाद अचानक बेहोश हो गए थे. उन्हें पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया. मरीज को 108 एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही एंबुलेंस खटारा साबित हुई.

गेट खोलने के लिए करनी पड़ी घंटों मशक्कत

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एंबुलेंस का गेट अंदर और बाहर दोनों तरफ से फंस गया था. मरीज के परिजन और एंबुलेंस कर्मचारी काफी देर तक गेट को खोलने और फिर उसे तोड़ने की कोशिश करते रहे. काफी मशक्कत के बाद जब गेट खुला और राम प्रसाद को डॉक्टरों के पास ले जाया गया, तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

स्वास्थ्य विभाग की सफाई

इस शर्मनाक घटना पर अब स्वास्थ्य विभाग लीपापोती में जुट गया है. अधिकारियों का कहना है कि मरीज संभवतः ब्रेन हेमरेज का शिकार था और उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में हो गई थी. हालांकि, विभाग ने 108 एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक को नोटिस जारी कर वाहनों के मेंटेनेंस पर जवाब मांगा है.

सिस्टम पर उठ रहे बड़े सवाल

सतना में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग केवल नोटिस और छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन सड़े हुए सिस्टम को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते. राम प्रसाद की मौत ने एक बार फिर मध्य प्रदेश सरकार के उन दावों की पोल खोल दी है, जिसमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात कही जाती है.

यहां देखें वीडियो

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