MP: हनी ट्रैप की मास्टरमाइंड रेशु चौधरी के BJP से जुड़े हैं तार, जानें इसके पास किन नेताओं और अफसरों का है वीडियो

मध्य प्रदेश के इंदौर और सागर में फैले 'हनी ट्रैप पार्ट-2' सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया है. जिसमें पुलिस ने बीजेपी की पूर्व कार्यकर्ता और मुख्य मास्टरमाइंड रेशु चौधरी को गिरफ्तार किया है.

MP में हनीट्रैप का खुलासा
MP में हनीट्रैप का खुलासा

आकांक्षा ठाकुर

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मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर 'हनी ट्रैप का जिन्न' बोतल से बाहर आ गया है. कुछ साल पहले जिस हनी ट्रैप कांड ने एमपी के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था, ठीक वैसा ही एक और बड़ा मामला सामने आया है. इंदौर से लेकर सागर तक फैले इस नए हनी ट्रैप सिंडिकेट की मास्टरमाइंड बताई जा रही रेशु चौधरी उर्फ अभिलाषा चौधरी को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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पुलिस ने सागर के मकरोनिया स्थित उसके घर पर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही मध्य प्रदेश के सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि इस बार भी कई बड़े नेताओं, मंत्रियों और अफसरों के ऑडियो-वीडियो और तस्वीरें सामने आने का दावा किया जा रहा है.

मुख्य आरोपी का BJP कनेक्शन

यह पूरा मामला शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट की असली कर्ताधर्ता और मुख्य कड़ी रेशु चौधरी ही है. इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक कनेक्शन भी खुलकर सामने आ गया है.

बताया जा रहा है कि 32 साल की रेशु चौधरी सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सक्रिय कार्यकर्ता रह चुकी है. बीजेपी में अपनी सक्रियता के दौरान उसकी पहुंच पावर कॉरिडोर में काफी ऊपर तक थी और वह कई दिग्गज मंत्रियों और बड़े नेताओं के साथ मंच साझा करते और तस्वीरें खिंचवाते हुए देखी जा चुकी है. इतना ही नहीं, रेशु चौधरी ने साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट की दावेदारी भी ठोकी थी.

बेहद चौंकाने वाली कड़ियां

हनी ट्रैप के इस खेल में रेशु चौधरी की एंट्री कैसे हुई, इसकी कड़ियां भी बेहद चौंकाने वाली हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रेशु चौधरी, पहले के हनी ट्रैप मामले की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन और महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित के सीधे संपर्क में थी. श्वेता के जरिए ही रेशु की मुलाकात अलका से हुई थी, जिसके बाद इन सबने मिलकर रसूखदारों को फंसाने और ब्लैकमेल करने का यह बड़ा जाल बुना. इस मामले में पुलिस पहले ही अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी डीलर लाखन चौधरी और हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है. अब रेशु की गिरफ्तारी के बाद इन सभी किरदारों के आपसी कनेक्शन और उनके द्वारा शिकार बनाए गए वीआईपी लोगों की लिस्ट सामने आने की उम्मीद है.

रेशु चौधरी का बैकग्राउंड भी काफी दिलचस्प और विवादों से घिरा रहा है. वह मूल रूप से सागर की रहने वाली है और उसने विदेश से उच्च शिक्षा हासिल की है. पति से तलाक होने के बाद वह पूरी तरह से खुद को 'हायर एजुकेटेड' और मेधावी बताकर रसूखदार लोगों के बीच पैठ बनाने में जुट गई. साल 2020 के आसपास उसने सागर के कटरा बाजार में कथित रूप से एक यूपीएससी (UPSC) कोचिंग सेंटर खोला था और अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन दिए थे, जो बाद में विवादों में आ गया था. इसके बाद वह सागर से इंदौर शिफ्ट हो गई, जहां हाई-प्रोफाइल पार्टियों, बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के साथ उठने-बैठने के चलते उसके लिए लोगों को अपने जाल में फंसाना और ब्लैकमेल करना बेहद आसान हो गया.

पुलिस रिमांड पर लेकर कड़ाई से कर रही पूछताछ

इंदौर पुलिस अब रेशु चौधरी को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस को अंदेशा है कि उसके पास मौजूद मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस से कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि इस केस में कुछ आरोपी अब सरकारी गवाह बनने की राह पर भी हैं, जिससे पुलिस के हाथ और भी पुख्ता सबूत लग सकते हैं. फिलहाल इस 'हनी ट्रैप पार्ट-2' ने मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है. आने वाले दिनों में देखना होगा कि इस सिंडिकेट के मोबाइल से निकलने वाले वीडियो और ऑडियो क्लिप्स किन-किन बड़े चेहरों की सियासी और सामाजिक जिंदगी को तबाह करते हैं.

यहां देखें वीडियो

 

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