मध्य प्रदेश की राजनीति में दलबदल का मामला एक बार फिर गरमा गया है. बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे, जिन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा था, अब अपने बयान से पलट गई हैं. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निर्मला सप्रे ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने कोई दलबदल नहीं किया है और वे आज भी कांग्रेस की ही सदस्य हैं.
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क्या है पूरा मामला?
लोकसभा चुनाव 2024 के समय निर्मला सप्रे की भाजपा के मंच पर शामिल होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. इसके बाद कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा और बाद में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
हाईकोर्ट में निर्मला सप्रे का जवाब
हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. उनके इस चौंकाने वाले जवाब ने इस कानूनी लड़ाई को और भी पेचीदा बना दिया है. जहां एक तरफ वे सार्वजनिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर भाजपा के साथ खड़ी नजर आती हैं, वहीं अदालत में खुद को कांग्रेसी बता रही हैं.
हाईकोर्ट ने कांग्रेस से मांगे पुख्ता सबूत
निर्मला सप्रे के इस 'यू-टर्न' के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को दलबदल से जुड़े ठोस सबूत पेश करने का समय दिया है.
9 अप्रैल तक का समय: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप (Whip) से जुड़े दस्तावेज और अन्य प्रमाण पेश किए जाएं, जिससे यह साबित हो सके कि वास्तव में दलबदल हुआ है.
अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 20 अप्रैल को होगी.
क्या कहता है दलबदल कानून?
दलबदल कानून के तहत किसी निर्वाचित सदस्य को अयोग्य तब ठहराया जा सकता है जब वह अपनी इच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दे या सदन में पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान करे. यदि कोई विधायक व्यक्तिगत रूप से पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो सकती है, लेकिन यदि दो-तिहाई सदस्य एक साथ पार्टी बदलते हैं, तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता.
अब देखना यह होगा कि 9 अप्रैल को कांग्रेस हाईकोर्ट में क्या सबूत पेश करती है और क्या निर्मला सप्रे की विधायकी बचेगी या जाएगी.
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