MP Politics: कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के पोस्ट से मचा हड़कंप, अपनी ही सरकार और पुलिस को घेरा! जानें क्या है पूरा मामला

आकांक्षा ठाकुर

• 02:55 PM • 08 Jul 2026

MP Politics: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. मंत्री ने अपनी ही सरकार और मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक बीजेपी युवा नेता की गिरफ्तारी को अपमानजनक बताया. जानिए सर्वजीत सिंह लोधी की गिरफ्तारी, 2 साल पुराने मामले, पुलिस की कार्रवाई और एमपी बीजेपी की अंदरूनी सियासत से जुड़ी पूरी खबर.

Madhya Pradesh Politics
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कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के सोशल मीडिया पोस्ट ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है. अपनी ही सरकार में कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद प्रहलाद सिंह पटेल ने मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को बेहद कड़े शब्दों में आड़े हाथों लिया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

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क्या है प्रहलाद सिंह पटेल की नाराजगी की वजह

मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल इन दिनों सोशल मीडिया पर किए गए अपने एक पोस्ट की वजह से जबरदस्त चर्चा में आ गए हैं. इस पोस्ट में उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की है और काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस को सवालों के घेरे में खड़ा किया है. मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पुलिस की इस कार्रवाई को 'अपमान करने की प्रक्रिया' और 'अपमानजनक' करार दिया है. उन्होंने बाकायदा पुलिस के इस कृत्य की कड़ी निंदा भी की है.

बीजेपी के युवा नेता की गिरफ्तारी से गरमाई सियासत

दरअसल, यह पूरा विवाद सागर संभाग के एक बीजेपी युवा नेता की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ है. पुलिस ने हाल ही में बीजेपी के युवा नेता सर्वजीत सिंह लोधी को गिरफ्तार किया है. सर्वजीत सिंह लोधी की गिनती बीजेपी के सक्रिय युवा नेताओं में होती है और वे पार्टी के कई बड़े कार्यक्रमों में भी नजर आते रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सर्वजीत के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उन्होंने अपने इस पोस्ट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और डीआईजी समेत तमाम आला अधिकारियों को भी टैग किया है.

2 साल पुराना है पूरा मामला

बांदरी थाना पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी करीब 2 साल पुराने एक मामले से जुड़ी हुई है. आरोपी सर्वजीत सिंह लोधी पर 2 साल पहले एक ढाबे पर तोड़फोड़ करने, मारपीट करने और हवाई फायरिंग के साथ-साथ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले 2 साल से फरार चल रहा था, जिसे घेराबंदी करके अब गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, इस मामले में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत के तौर पर एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम बंदूक लहराते और ढाबे पर मारपीट करते हुए साफ देखा जा सकता है. इसके बावजूद, 2 साल बाद अचानक हुई इस गिरफ्तारी पर मंत्री की नाराजगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

दबाव की राजनीति और अंदरूनी कलह की चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि क्या कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एक आरोपी को संरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रहलाद सिंह पटेल इस कार्रवाई के जरिए दबाव की राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं. सियासी गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि वे पिछले कुछ समय से सरकार से नाराज चल रहे हैं, हालांकि उनकी नाराजगी की असली वजह अभी तक खुलकर सामने नहीं आई है. मध्य प्रदेश में इन दिनों कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं कि कौन हटेगा और कौन नया मंत्री बनेगा, ऐसे समय में प्रहलाद सिंह पटेल का यह रुख सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है.

कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी का भी हुआ जिक्र

मध्य प्रदेश बीजेपी के अंदरखाने मचे इस घमासान के बीच हाल ही में एक और बड़े कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी भी अखबारों की सुर्खियां बनी थी. उस कथित चिट्ठी में कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इंदौर संभाग की उपेक्षा को लेकर शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी. अब कैलाश विजयवर्गीय के बाद प्रहलाद सिंह पटेल के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश बीजेपी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और मंत्रियों की नाराजगी गाहे-बगाहे सामने आ रही है.

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