MP TeT 2025 पास कर चुके 9 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर खतरा, अब आगे क्या होगा ?

आकांक्षा ठाकुर

21 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 21 2026 9:42 AM)

MP High Court ने 5% बोनस अंकों (RCI सर्टिफिकेट) में गड़बड़ी के कारण MPTET 2025 का रिजल्ट और मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है. अब अपात्र अभ्यर्थियों को बाहर कर 3 महीने के भीतर दोबारा नया रिजल्ट और मेरिट सूची जारी की जाएगी.

 MP TeT 2025
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मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा (MPTET) 2025 के अभ्यर्थियों के लिए हाई कोर्ट से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. एमपी हाई कोर्ट ने MPTET 2025 के रिजल्ट की मेरिट सूची दोबारा तैयार करने के निर्देश दिए हैं. अदालत के इस फैसले के बाद 9 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति और पुरानी चयन सूची पर सीधा असर पड़ता दिख रहा है.

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यह पूरा विवाद फॉर्म भरते समय 5% बोनस अंक (RCI Certificate) का दावा करने और फर्जी तरीके से अंक हासिल करने से जुड़ा हुआ है.

क्या है 5% बोनस अंकों का पूरा खेल?

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के दौरान कुल 1,389 (1,379) पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी. नियमानुसार, भारतीय पुनर्वास परिषद (Rehabilitation Council of India - RCI) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा (Special Education) डिप्लोमा या डिग्री धारक अभ्यर्थियों को 5% अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान था.

आवेदन पत्र भरते समय लगभग 14,964 अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उनके पास RCI का सर्टिफिकेट है और इसके आधार पर बोनस अंक हासिल कर लिए. हालांकि, जब RCI के आधिकारिक रिकॉर्ड से दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो महज 5,271 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए. यानी करीब 9,600 से अधिक उम्मीदवारों ने गलत तरीके से बोनस अंक प्राप्त किए थे.

हाई कोर्ट ने दिया 3 महीने में नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश

न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बी. पी. शर्मा की खंडपीठ ने एकल पीठ के 6 मई के आदेश को सही ठहराते हुए अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी.

  • सुधार का मिला था मौका: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों को आवेदन में सुधार करने के 3 मौके और अतिरिक्त 15 दिन का समय दिया गया था. इसके बावजूद उन्होंने अपनी त्रुटि नहीं सुधारी.
  • त्रुटि मानने से इनकार: दूसरे पक्ष के उम्मीदवारों का तर्क था कि उन्होंने गलती से 'हां' पर टिक कर दिया था. इस पर कोर्ट ने कहा कि बार-बार मौका मिलने के बाद भी बदलाव न करना केवल एक भूल नहीं मानी जा सकती. इससे योग्य उम्मीदवारों का हक प्रभावित होता है.
  • अपात्रों के आवेदन होंगे निरस्त: हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिनके पास वैध RCI सर्टिफिकेट नहीं है, उनके आवेदन निरस्त किए जाएंगे और 5% बोनस अंक वापस लेकर 3 महीने के भीतर संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी.

क्या होता है RCI सर्टिफिकेट?

भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) के तहत स्पेशल एजुकेशन, रीहैबिलिटेशन और साइकोलॉजी में मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा या डिग्री ली जाती है. दिव्यांग व विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के पास यह योग्यता होना अनिवार्य माना जाता है, जिससे वे छात्रों के साथ बेहतर तालमेल बिठा सकें.

अब आगे क्या होगा?

  • सत्यापन प्रक्रिया: RCI प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जाएगी.
  • अंक कटेंगे: फर्जी या बिना सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों के 5% बोनस अंक घटाए जाएंगे.
  • अपात्र घोषित: गलत जानकारी देने वाले उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द होगी.
  • नई नियुक्ति: केवल नई और संशोधित मेरिट सूची के आधार पर ही मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की अंतिम नियुक्ति की जाएगी.

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