मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक जनसभा में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य में बहुत जल्द सभी नागरिकों के लिए एक जैसा कानून लागू होगा. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश में अब दो तरह के कानून नहीं चलेंगे और राज्य में कानूनी तौर पर रहने का हक सिर्फ एक शादी करने वालों को ही मिलना चाहिए.
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विधानसभा के मानसून सत्र में आ सकता है विधेयक
मुख्यमंत्री मोहन यादव 17 जुलाई को कटनी जिले के दौरे पर थे. यहाँ उन्होंने स्लीमनाबाद में देश की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड वॉटर टनल का मुआयना किया. इसके बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का जिक्र किया.
सीएम ने कहा कि सरकार इसी सत्र में नया विधेयक लाने की पूरी तैयारी कर रही है. इस नए कानून के तहत शादी, तलाक और परिवार से जुड़े अन्य मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान नियम तय किए जाएंगे.
तीन तलाक पर सख्त रुख, राम-रहीम का दिया हवाला
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने तीन तलाक की प्रथा पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि तीन तलाक का दौर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. अगर अब भी कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इससे पहले इंदौर के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि अगर भगवान रामचंद्र एक शादी की मर्यादा का पालन करते हैं, तो रहीम से भी यही उम्मीद की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएं भी हमारी बहनें हैं और उन्हें भी बराबर का अधिकार मिलना चाहिए. सरकार का मकसद किसी के साथ भेदभाव करना नहीं, बल्कि सबको समान अधिकार देना है.
यूपी के शाही चीफ मुफ्ती ने किया फैसले का स्वागत
मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस बयान का एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है. उत्तर प्रदेश के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने मुख्यमंत्री के इस रुख का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान स्वागत के योग्य है. इस्लाम भी यही सिखाता है कि किसी भी बहन, बेटी या इंसान के साथ कोई अन्याय न हो और किसी को कोई दुख न पहुंचे.
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