मध्य प्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने का काम शुरू हो गया है. यह अभियान 10 अक्तूबर तक चलेगा. इस बार प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए वर्ष 2003 की मतदाता सूची की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है. इसके तहत जिन मतदाताओं के नाम पूर्व में सूची से काट दिए गए थे उन्हें अब दोबारा जोड़ा जा रहा है. इसके साथ ही, 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को भी नया वोटर बनने का अवसर मिलेगा.
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क्या है फॉर्म 6 और किसे भरना होगा?
नया वोटर बनने के लिए किसी भी नागरिक को फॉर्म 6 भरना होता है.पहली बार वोट बनवाने वाले नागरिक या जो किसी अन्य स्थान से स्थानांतरित (शिफ्ट) होकर आए हैं, वे अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरते हैं. इसे नए वोटर के लिए 'एंट्री पास' कहा जा सकता है. इसमें आवेदक को अपनी निजी जानकारी, उम्र का प्रमाण, निवास का प्रमाण और नागरिकता से जुड़ी घोषणाएं देनी होती हैं.
वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र (जैसे बिजली बिल) / राशन कार्ड
- दसवी की मार्कशीट
- समग्र आईडी
आवेदन कैसे करें?
- नया वोटर बनने के लिए नागरिक को फॉर्म-6 भरने की जरूरी है.
- फॉर्म-6 भरकर इसे बीएलओ (BLO) के पास जमा कराया जाए
- 18 साल पूरे कर चुके युवा अपना नाम जुड़वाने के साथ-साथ पिता/पति का नाम, वर्ग या अन्य विवरण में आवश्यक संशोधन भी करा सकते हैं.
क्या था मध्य प्रदेश में SIR अभियान?
राज्य में मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR - Special Intensive Revision) की मुख्य प्रक्रिया 21 साल बाद (साल 2003 के बाद) दोबारा चलाई गई थी.मुख्य प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू होकर दिसंबर 2025 तक चली. 23 दिसंबर 2025 को पहला ड्राफ्ट जारी किया गया, जिसके तहत राज्य से करीब 42.74 लाख डुप्लीकेट, मृत और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए.अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया गया था. वर्तमान में चलाए जा रहे अभियान के जरिए उन सभी पात्र नागरिकों को फिर से नाम जुड़वाने का अवसर दिया जा रहा है जो प्रक्रिया के दौरान छूट गए थे.
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