MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. कड़कड़ाती धूप के बीच अचानक सक्रिय हुए तीन वेदर सिस्टम ने पूरे प्रदेश को 'कूलिंग मोड' पर डाल दिया है. मौसम विभाग ने 21 मार्च को भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है.
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भोपाल: मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में ही मानसून जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब आंधी और ओलों की मार ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक साथ सक्रिय हुए दो पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण 21 मार्च को भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मौसम बिगड़ा रहेगा.
21 मार्च को कैसा रहेगा हाल?
21 मार्च को विशेष रूप से पूर्वी और उत्तरी मध्य प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखेगा. मौसम विभाग (IMD) ने सतना, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, रीवा, मैहर, मऊगंज और अनूपपुर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है. इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
किसानों के लिए 'आफत' बनी बारिश
जहां आम लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश किसी आफत से कम नहीं है. गेहूं, सरसों और चने की तैयार फसलों पर ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है. विभाग ने ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है.
तापमान में भारी गिरावट
लगातार हो रही बारिश के कारण भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की कमी दर्ज की गई है. पचमढ़ी में पारा गिरकर 12 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे रात में हल्की ठंडक का एहसास होने लगा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम 22 मार्च से धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा और उसके बाद ही आसमान साफ होने की उम्मीद है.
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