मध्य प्रदेश वालों के लिए मौसम विभाग (IMD) की तरफ से एक बड़ी खबर आ रही है. अगर आप 7 जुलाई को बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं तो रुकिए पहले आसमान का मूड जान लीजिए. असल में झारखंड और उड़ीसा के ऊपर बादलों का एक तगड़ा सिस्टम बना हुआ है जो सीधे हमारे एमपी की तरफ नमी से भरे काले-घने बादलों की पूरी फौज भेज रहा है.नतीजतन 7 जुलाई को पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश होने की संभावना है. कहीं-कहीं तो बादल ऐसे बरसेंगे कि सड़कें तालाब बन जाएंगी. तो चलिए जानते हैं कि 7 जुलाई को जिले में मौसम का क्या हाल रहने वाला है.
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जिलेवार मौसम का हाल
मालवा-निमाड़ अंचल (इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, धार और आसपास)
इस क्षेत्र में मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव नजर आ रहा है. मौसम विभाग ने बड़वानी और खंडवा जिलों के लिए सबसे भारी बारिश की चेतावनी दी है, जहाँ चौबीस घंटे के भीतर काफी ज्यादा पानी गिर सकता है. इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन और बुरहानपुर में 'ऑरेंज अलर्ट' यानी बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. देवास और शाजपुर में भी गरज-चमक के साथ अच्छी-खासी बौछारें पड़ेंगी. कुल मिलाकर इस पूरे बेल्ट में ठंडी हवाएं चलेंगी और दिन के तापमान में अच्छी गिरावट आएगी.
मध्य मध्य प्रदेश (भोपाल, सीहोर, रायसेन और विदिशा)
राजधानी भोपाल समेत सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ में बादलों का कड़ा पहरा रहेगा. मौसम विभाग ने यहां 'येलो अलर्ट' जारी किया है. इसका मतलब है कि आसमान में काले-घने बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में तेज गरज-चमक होगी और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का दौर दिनभर चलता रहेगा, जिससे मौसम एकदम सुहाना (और थोड़ा सा गीला-गीला) बना रहेगा.
महाकौशल और दक्षिण एमपी (जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट)
मौसम के वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी सबसे पहले इसी इलाके से टकरा रही है. छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. बालाघाट और उसके आसपास के इलाकों में तो प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है. पहाड़ों और जंगलों वाले इन इलाकों में झमाझम बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं.
बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र (सागर, छतरपुर, रीवा, सतना, सीधी)
सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मौगंज और मैहर में भी मानसून पूरी रफ्तार से दौड़ रहा है. इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तो लगातार होती रहेगी, लेकिन कुछ जगहों पर अचानक तेज बारिश का दौर भी आ सकता है. बिजली कड़कने की घटनाएं यहाँ ज्यादा देखी जा सकती हैं, इसलिए गरज-चमक के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें.
ग्वालियर-चंबल और उत्तर मध्य प्रदेश (ग्वालियर, भिंड, मुरैना, गुना, शिवपुरी)
उत्तर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में भी गर्मी से पूरी तरह राहत मिल चुकी है. इन जिलों में आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा. गरज-चमक के साथ बारिश की फुहारें और मध्यम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है.
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