MP Weather Update 8 July: मध्य प्रदेश के अलग अलग जिलों में पिछले 2-3 दिनों से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग की मानें तो अभी बारिश का ये दौर थमने वाला नहीं है. 8 जुलाई को भी प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. इससे गर्मी से तो राहत मिलेगी ही लेकिन सड़क पर पानी जमने या ट्रैफिक जैसी समस्या हो सकती है.
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में राज्य के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और मानसूनी ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है. इस वेदर सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही दिशाओं से भारी मात्रा में नमी आ रही है जिससे पूरे प्रदेश में घनघोर बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं.
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने नीचे बताए गए जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में 8 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है.
इंदौर और उज्जैन संभाग: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, और बड़वानी जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वानुमान है. प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट जारी किया है.
भोपाल और नर्मदापुरम संभाग: राजधानी भोपाल, नर्मदापुरम, बैतूल और शाजापुर में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल सकता है. लगातार बारिश के चलते दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने का अनुमान है.
महाकौशल अंचल: मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा और डिंडौरी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
येलो अलर्ट: मध्यम से भारी बारिश का दौर रहेगा जारी
IMD ने प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है:
ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड: ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड, छतरपुर और पन्ना जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे क्षेत्र में बनी उमस से राहत मिलेगी.
विंध्य और शेष जबलपुर संभाग: रीवा, सतना, सीधी और जबलपुर संभाग के अन्य जिलों में रूक-रूक कर झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. यह बारिश कृषि कार्य के लिहाज से काफी अनुकूल मानी जा रही है.
7 जुलाई को कैसा रहा मौसम का हाल?
मध्य प्रदेश में 7 जुलाई 2026 को भी मानसून का ज़बरदस्त असर देखा गया था. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के ऊपर बने वेल-मार्क लो प्रेशर एरिया के चलते पूरे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहे और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई. 7 जुलाई को अशोकनगर, गुना, सागर, विदिशा और छतरपुर जैसे जिलों में मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था, जहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की कड़क के साथ भारी से अति भारी बारिश हुई. राजधानी भोपाल समेत बाकी जिलों में भी दिनभर रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहीं, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से खासी राहत मिली.
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