मध्य प्रदेश में मानसून की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 8 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है. बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम और लो-प्रेशर एरिया की वजह से राज्य के पूर्वी और मध्य जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
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मौसम केंद्र भोपाल के अधिकारियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण विंध्य, महाकौशल और बुंदेलखंड अंचल में मानसून ज्यादा मेहरबान रहेगा. मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश के 15 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
जिलावार मौसम का अपडेट
विंध्य और महाकौशल: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और मैहर: इन जिलों में 8 सितंबर को दिनभर बादल छाए रहेंगे. मौसम विभाग के मुताबिक, यहां कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है. निचले इलाकों में जलभराव की समस्या आ सकती है.
जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट: महाकौशल क्षेत्र में भी मानसून का असर मजबूत रहेगा. दिनभर रुक-रुक कर मध्यम से तेज बौछारें गिरेंगी. कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अंदेशा है.
बुंदेलखंड और मध्य इलाका: पन्ना, छतरपुर, सागर और टीकमगढ़: बुंदेलखंड के जिलों में दोपहर के बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है. यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
भोपाल, विदिशा, सीहोर और रायसेन: राजधानी भोपाल समेत आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है. इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी.
मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल
इंदौर, उज्जैन, धार और खरगोन: मालवा-निमाड़ अंचल में भारी बारिश की संभावना कम है. हालांकि, स्थानीय नमी के कारण कहीं-कहीं हल्की रिमझिम बारिश हो सकती है. बीच-बीच में धूप निकलने से हल्की उमस महसूस हो सकती है.
ग्वालियर, भिंड और मुरैना: उत्तरी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा. कुछ इलाकों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं.
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