आसमान आधा बादलों से ढका है और आधा सूरज की तीखी किरणों से तप रहा है. यह जून का वह दौर है जब मध्य प्रदेश न तो पूरी तरह गर्मियों की गिरफ्त में है और न ही मॉनसून की ठंडी फुहारों में भीगा है. IMD के अनुसार, 9 जून 2026 को मध्य प्रदेश के आसमान में एक अनोखी आंख-मिचौली देखने को मिलेगी. एक तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 'लाइट रेन' यानी हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है तो दूसरी तरफ अधिकतम तापमान 39°C के आसपास बने रहने से उमस और गर्मी का मिलाजुला असर लोगों को बेचैन करेगा.
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मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह वर्तमान में मध्य प्रदेश की दक्षिणी सीमा के बेहद करीब पहुंच चुका है. इसके चलते राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं. आइए जानते हैं कि 9 जून को मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश
पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में 9 जून को छिटपुट स्थानों पर धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. यहां दिन के समय पश्चिमी हवाएं 12 मील प्रति घंटे (लगभग 20 किमी/घंटा) की रफ्तार से चल सकती हैं.
इंदौर और उज्जैन संभाग: इंदौर, उज्जैन, देवास और धार जैसे जिलों में दोपहर या शाम के समय आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं. कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (स्क्वाल) चलने और बिजली चमकने के आसार हैं. तापमान में आंशिक गिरावट के बावजूद उमस परेशान करेगी.
नर्मदापुरम और हरदा: नर्मदापुरम (पचमढ़ी सहित) और हरदा में प्री-मानसून का असर ज्यादा देखा जा सकता है. यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
भोपाल और सीहोर: राजधानी भोपाल और आसपास के इलाकों में दिन में तेज धूप रहेगी, लेकिन शाम होते-होते मौसम का मिजाज बदल सकता है. आसमान में छिटपुट बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है. यहां का अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम तापमान 29°C के आसपास बने रहने का अनुमान है.
पूर्वी मध्य प्रदेश
पूर्वी हिस्से में मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है. इन क्षेत्रों में नमी का स्तर (ह्यूमिडिटी) करीब 43% के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे शाम के वक्त स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादल विकसित होंगे.
जबलपुर और शहडोल संभाग: शहडोल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में मॉनसून की दस्तक सबसे पहले होनी है. इसलिए 9 जून को भी यहां प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी. इन जिलों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है.
रीवा, सीधी और सिंगरौली: इन जिलों में दिन के वक्त गर्मी का असर तेज रहेगा. अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री के पार जा सकता है. हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आइसोलेटेड स्थानों (एक-दो जगहों) पर अचानक तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमक सकती है.
सागर और दमोह: बुंदेलखंड के इस हिस्से में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना काफी सीमित (छिटपुट) है. यहां मुख्य रूप से शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभाव देखने को मिलेगा.
ग्वालियर-चंबल संभाग
उत्तर और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में फिलहाल मॉनसून की हवाओं का असर काफी कम है, जिसके कारण यहां गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर: इन जिलों में 9 जून को दिन के समय तेज धूप खिली रहेगी. हालांकि, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे होने के कारण यहां धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. रात के समय आसमान साफ या आंशिक बादलों से युक्त रहेगा और न्यूनतम तापमान 29°C के आसपास टिके रहने से रातें भी गर्म महसूस होंगी.
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
आईएमडी ने बिजली गिरने (Lightning Strikes) की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले किसानों को विशेष रूप से सचेत किया है. मौसम खराब होने या आसमान में काले बादल छाने पर खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है. तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, अस्थायी शेड और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें.
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