भोपाल-इंदौर में उमस का टॉर्चर, तो जबलपुर-छिंदवाड़ा में झमाझम! जानिए 15 जुलाई को आपके जिले में क्या है IMD का प्लान?

न्यूज तक डेस्क

• 05:06 PM • 14 Jul 2026

मध्य प्रदेश में 15 जुलाई को मानसून की रफ्तार धीमी रहेगी, जिससे भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी जिलों में उमस और बादलों की लुका-छिपी देखने को मिलेगी. वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल समेत पूर्वी हिस्सों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.

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MP Weather Update: एमपी के लोगों के लिए मानसून को लेकर एक ऐसी खबर आई है जो थोड़ी राहत भी देगी और थोड़ी बेचैनी भी. अगर आप भारी बारिश से परेशान हो चुके थे, तो आपके लिए अच्छी खबर है. लेकिन अगर आप झमाझम बारिश के इंतजार में थे, तो आपको थोड़ी निराशा हो सकती है. असल में, मध्य प्रदेश में झमाझम बरसने वाले बादलों ने फिलहाल 'शॉर्ट ब्रेक' ले लिया है. मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि मानसून को धकेलने वाली हवाएं और सिस्टम इस समय सुस्त पड़ गए हैं, जिसकी वजह से आसमान में बादल तो उमड़ेंगे-घुमड़ेंगे, लेकिन मूसलाधार बारिश की उम्मीद फिलहाल नहीं है. तो चलिए समझते हैं कि 15 जुलाई 2026 को आपके जिले में मौसम क्या गुल खिलाने वाला है.

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भोपाल, इंदौर और उज्जैन 

अगर आप भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर या नर्मदापुरम बेल्ट में रहते हैं, तो कल आपको कूलर या एसी की जरूरत ज्यादा पड़ने वाली है. इन इलाकों में कल भारी बारिश का कोई सीन नहीं है. आसमान में बादल आते-जाते रहेंगे, बीच-बीच में कड़क धूप भी निकलेगी. मौसम ज्यादातर सूखा ही रहेगा, बस कहीं-कहीं हल्की-फुल्की फुहारें पड़ सकती हैं. दिन में तापमान 32°C से 34°C तक जा सकता है. तेज धूप और हवा में नमी की वजह से उमस (पसीने वाली गर्मी) आपको थोड़ा परेशान कर सकती है.

महाकौशल और पूर्वी हिस्से

अगर आप पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों जैसे रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी या छिंदवाड़ा में रहते हैं तो यहां मौसम थोड़ा मेहरबान रहेगा. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. यहाँ आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कहीं-कहीं तेज हवाएं भी चल सकती हैं जो मौसम को सुहावना बनाएंगी. जब बिजली चमक रही हो तो खेतों में काम करने वाले भाई या बाहर घूमने वाले लोग पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रखें. सुरक्षित छत के नीचे रहना ही समझदारी होगी.

बुंदेलखंड और बघेलखंड

बात करें सागर, सतना, छतरपुर और मैहर की तो यहां भी मानसून का मिला-जुला असर दिखेगा. इन जिलों में कल दिनभर बादलों का डेरा रहेगा. भारी बारिश की संभावना तो नहीं है, लेकिन गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने से मौसम का मिजाज ठंडा बना रहेगा.

आखिर क्यों सुस्त पड़ा मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के कम दबाव वाले जो क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) मानसून को रफ्तार देते हैं. वे इस समय कमजोर हो चुके हैं. यही वजह है कि राज्य में झमाझम बारिश रुक गई है और केवल रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं. हालांकि, यह ब्रेक छोटा है. उम्मीद है कि जुलाई के आखिरी हफ्ते तक मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ वापसी करेगा.

चलते-चलते एक सलाह: कल घर से निकलते वक्त अपनी बैग में छाता या रेनकोट रखना मत भूलिएगा. भले ही भारी बारिश न हो, लेकिन कब मौसम बदल जाए और हल्की फुहारें आपको भिगो दें, इसका भरोसा नहीं. 

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