मध्य प्रदेश से लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण का एक ऐसा सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक पीड़ित हिंदू युवती (ब्राह्मण परिवार से) ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कैसे वह पिछले 13 सालों से एक सोची-समझी साजिश और दलदल में फंसी रही. नाम बदलकर दोस्ती करने से शुरू हुआ यह सिलसिला जबरन धर्मांतरण, तीन निकाह, तीन तलाक और हलाला जैसी अमानवीय प्रताड़ना तक पहुंच गया. सुरक्षा कारणों से पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया गया है.
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'नवीन राणा' बनकर मिला था नावेद
पीड़िता ने बताया कि यह पूरी कहानी कॉलेज के दिनों में फेसबुक से शुरू हुई थी. 'नवीन राणा' नाम के एक युवक ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जो खुद को एक जिम ट्रेनर और ठाकुर बताता था. वह बातचीत के दौरान नवरात्रि और दिवाली की शॉपिंग जैसे हिंदू त्योहारों की बातें करता था, जिससे कभी शक नहीं हुआ. तीन-चार महीने की बातचीत के बाद वह इंदौर मिलने आया और घरवालों से छिपकर बात करने के लिए उसे एक फोन और सिम कार्ड दिया [03:04]. इसके बाद शादी का झांसा देकर वह अपने दोस्त वसीम के जरिए युवती को दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) और फिर वहाँ से मुजफ्फरनगर के फुलत गांव ले गया.
मुजफ्फरनगर पहुँचते ही खुली पोल
फुलत गांव पहुंचने पर जब युवती ने चारों तरफ मौलाना और दाढ़ी-टोपी वाले लोगों को देखा तो वह असहज हो गई. विरोध करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर करते हुए बताया कि उसका नाम नवीन नहीं बल्कि नावेद है. जब पीड़िता ने वापस घर जाने की जिद की तो उसे डराया गया कि तुम्हारे घरवाले तुम्हें जान से मार देंगे.
इसके बाद पीड़िता को मुजफ्फरनगर से मेरठ के एक मदरसे में भेज दिया गया. वहां उसे सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक कड़ी निगरानी में रखा जाता था, जबरन कलमा पढ़वाया गया और नमाज व इस्लामिक तालीमात सीखने का दबाव बनाया गया. सबक याद न करने पर खाना नहीं दिया जाता था और बेरहमी से मारपीट की जाती थी. पीड़िता के मुताबिक, वहां उसके जैसी कई और हिंदू लड़कियां भी इसी तरह के ट्रैप में फंसी हुई थीं.
तीन निकाह, तलाक और हलाला की दर्दनाक दास्तान
मदरसे में तालीमात पूरी होने का दावा करके युवती को वापस फुलत लाया गया और धोखे से उसकी उम्र से काफी बड़े शख्स अब्दुल रहमान के साथ उसका पहला निकाह करा दिया गया. विरोध करने और छत से कूदकर भागने की कोशिश करने पर अब्दुल रहमान ने उसे ताले में बंद रखा और मारपीट की. इसके बाद मौलाना के पास ले जाकर उसे तीन तलाक दिलवा दिया गया.
इसके बाद उसे जयपुर के एक मदरसे में भेजा गया, जहां इद्दत पूरी होने के बाद अब्दुल रहमान से दोबारा निकाह कराने की बात कहकर हलाला के नाम पर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए.
2014 में करैयै गयै दोबापा निकाह
साल 2014 में मौलाना कलीम सिद्दीकी ने उसका दूसरा निकाह मुदस्सिर पठान से करवा दिया और उसे अहमदाबाद ले जाया गया. वहां उसके सारे ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स (अकादमिक सर्टिफिकेट) छीन लिए गए और फर्जी तरीके से नाम बदलकर नए पहचान पत्र बनवाए गए. तीन साल बाद मुदस्सिर की एक हादसे में मौत हो गई. इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दखल के बाद उसका तीसरा निकाह खालिद हुसैन नामक व्यक्ति से कराया गया. वहां भी प्रताड़ना का वही दौर शुरू हुआ, मारपीट में उसका हाथ तोड़ दिया गया और खालिद के जीजा के साथ भी उसका जबरन हलाला कराया गया.
16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
एक दिन प्रताड़ना से तंग आकर पड़ोसियों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी. साल 2026 में पीड़िता की शिकायत पर इस मामले में कुल 16 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी उसे जान से मारने, हिजड़ों से पिटवाने और गाड़ी से टक्कर मारने की लगातार धमकियां मिल रही हैं. पुलिस ने अब तक केवल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
पीड़िता ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाली अन्य लड़कियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इंटरनेट की आभासी दुनिया पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. उसने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मदरसों में चल रहे इस संगठित नेटवर्क की उच्च स्तरीय जांच कराने और खुद के लिए न्याय की मांग की है.
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