मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर अपने तेवर और तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं. दतिया उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच नरोत्तम मिश्रा का पुराना जलवा फिर से देखने को मिला है. दतिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व गृह मंत्री ने स्थानीय जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर और एसपी को मंच से सीधे और तीखे लहजे में चेतावनी दी है. नरोत्तम मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी बात को भूलने वाले इंसान नहीं हैं और दोस्ती व दुश्मनी दोनों को बखूबी याद रखते हैं.
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मंच से कलेक्टर और एसपी को खुली चेतावनी
बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक में बोलते हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ साफ दिखाई दिया. उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे यह न भूलें कि वह सब कुछ याद रखते हैं. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, मैं यारी और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं'. इस दौरान उनके समर्थक भी बेहद जोश में दिखे और उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की. नरोत्तम मिश्रा ने माइक की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह आवाज पुलिस वालों और अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए ताकि वे समझ लें कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पुलिस की आंसू गैस और लाठीचार्ज कार्रवाई पर उठाए सवाल
पूर्व गृह मंत्री ने हाल ही में दतिया में हुए चक्का जाम और प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई बल प्रयोग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि प्रशासन को यदि चक्का जाम हटवाना था तो वह अन्य तरीकों से हटवा सकता था, लेकिन बीजेपी कार्यालय पर आंसू गैस के गोले दागने और कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाने की कोई जरूरत नहीं थी. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई में उनके निर्दोष कार्यकर्ताओं को चोटें आईं और कई लोगों के सिर पर आंसू गैस के गोले फटे, जिससे उनमें भारी आक्रोश है.
निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों पर जताई नाराजगी
नरोत्तम मिश्रा ने इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के बाद सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं पर झूठे और आपराधिक मामले दर्ज कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पुलिस ने डंडे मारे और फिर उन पर मुकदमे लाद दिए. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि कार्यकर्ता इस अन्याय को चुपचाप सहन नहीं करेंगे और वे आने वाली 3 तारीख का इंतजार कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने दतिया के उन व्यापारियों और आम जनता का आभार जताया जिन्होंने कार्यकर्ताओं के समर्थन में तीन दिनों तक स्वेच्छा से अपने बाजार बंद रखे थे.
टिकट कटने के बाद उपजा था भारी आक्रोश
यह पूरा विवाद दतिया उपचुनाव के लिए टिकट वितरण के बाद शुरू हुआ. दरअसल, इस सीट से नरोत्तम मिश्रा खुद दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने आखिरी वक्त पर उन्हें टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क गए और उन्होंने नेशनल हाईवे 44 पर चक्का जाम कर उग्र प्रदर्शन किया था, जिससे कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था. इसी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसे लेकर नरोत्तम मिश्रा अब प्रशासन पर हमलावर हैं.
पार्टी के लिए प्रचार में जुटे हैं नरोत्तम मिश्रा
टिकट कटने के शुरुआती दौर में नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी साफ देखी गई थी, लेकिन पार्टी आलाकमान द्वारा भोपाल और दिल्ली बुलाकर बातचीत किए जाने के बाद उनके सुर बदले नजर आए. इसके बाद वे पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में भी शामिल हुए और मंच से भावुक होकर आशुतोष तिवारी के लिए वोट मांगते दिखे थे. फिलहाल, नरोत्तम मिश्रा बीजेपी की चुनावी रैलियों को लगातार संबोधित कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर बीजेपी को जिताने की अपील कर रहे हैं. उनका कहना है कि पार्टी का कार्यकर्ता संगठन के लिए ही जिएगा और उसी के लिए मरेगा.
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