खुले में पेशाब करते देख भड़के नरसिंहपुर के सीईओ गजेंद्र नागेश, युवक को पीटा और ब्राह्मण को जमीन में गाड़ने की धमकी दे दी, Video वायरल

अनुज ममार

• 08:52 PM • 29 Dec 2025

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में सीईओ गजेंद्र नागेश का वीडियो वायरल है. बरमान घाट निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने और सवाल करने पर एक ब्राह्मण पंडित को जमीन में गाड़ने की धमकी देने का मामला सामने आया है. पूरी घटना का वीडियो और बयान सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है.

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युवक और ब्राह्मण पर भड़के सीओ.
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पहले तो युवक को पीटा और फिर वहां मौजूद एक ब्राह्मण को जमीन में गाड़ने की धमकी दी. ये हैं नरसिंहपुर के सीईओ. इनका नाम है गजेंद्र नागेश. सीईओ साहब गए थे नरसिंहपुर के बरमान घाट पर निरीक्षण करने. इस दौरान सीईओ साहब को एक दुकानदार पेशाब करता दिख गया. फिर क्या था सीईओ साहब भड़क गए और उसे बुलाया और चांटे मारने लगे. अपने साहब को थप्पड़ मारता देख उनके साथ चल रहा पुलिसवाला भी युवक को थप्पड़ मारने लगा. 

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इस पूरी घटनाक्रम के दौरान वहां पर एक पंडित भी मौजूद थे. पंडित जी ने युवक की तरफदारी कर दी और सवाल पूछ लिया कि जब पेशाब के लिए यहां पर सार्वजनिक शौचालय नहीं है तो फिर लोग कहां जाएं. बस इसके बाद साहब का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और साहब ने पंडित जी को जमीन में गाड़ने की धमकी दे दी.  सीईओ साहब की धमकी के बाद कैलाशचंद्र मिश्रा मीडिया के सामने आए और उन्होंने पूरी कहानी बताई. 

कैलाशचंद्र मिश्रा को उठक-बैठक लगवा चुके हैं सीओ गजेंद्र? 

कैलाश चंद्र मिश्रा की मानें तो वो सीईओ साहब से पूजन के लिए जमीन मांगने गए थे. जिसकी वजह से सीईओ ने उनको उठक बैठक लगवाया. इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब ब्राह्मण संगठन भड़क गया है. अब ब्राह्मण संगठन सीईओ से माफी की मांग कर रहा है, नहीं तो आंदोलन की धमकी दी जा रही है. इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई  है और कार्रवाई की मांग भी ब्राह्मण संगठनों की तरफ से की जा रही है. 

मेले को लेकर घाट पर हो रही साफ-सफाई 

आपको बता दें कि बरमान घाट पर मकर संक्राति के मौके पर मेला लगता है. इसी को लेकर प्रशासन वहां पर साफ सफाई  करा रही है. जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश साफ सफाई  को लेकर अक्सर जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने एक शख्स की पिटाई की और सवाल पूछने पर दूसरे को धमकी दी उसे किसी भी हालत में जायज नहीं ठहराया जा सकता. 

सीईओ साहब को अगर साफ सफाई की इतनी ही चिंता है तो फिर वहां पर शौचालय का निर्माण कराना चाहिए क्योंकि बातचीत में कैलाशचंद्र मिश्रा साफ पूछ रहे हैं कि यहां पर पेशाब करने की कोई सुविधा नहीं है. अब सीईओ साहब इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और ना तो फोन का जवाब दे रहे हैं. 

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